कश्मीर: लॉकडाउन का शानदार जवाब हैं खुले में लगने वाली कक्षाएं

कश्मीर: लॉकडाउन का शानदार जवाब हैं खुले में लगने वाली कक्षाएं

03-08-2020 11:39:00

कश्मीर: लॉकडाउन का शानदार जवाब हैं खुले में लगने वाली कक्षाएं

भारत प्रशासित कश्मीर में कोविड 19 की वजह से लॉकडाउन है. अब इसके जवाब में खुले में कक्षाएं चल रही हैं.

शेयर पैनल को बंद करेंभारत में कोरोना महामारी की वजह से स्कूल बंद हैं और ऑनलाइन क्लास स्कूलों के लिए संघर्ष बन गई हैं. लेकिन कश्मीर के एक शहर ने इसका समाधान निकाल लिया है.बडगाम ज़िले के दूदपाथरी गाँव में हर सुबह बच्चे पहाड़ी रास्तों से होते हुए, झरनों, पुलों को पार करते हुए अपने नए क्लास रूम जाते हैं.

IPL 2020: RCBvsMI- सुपर ओवर में जीती आरसीबी, मुंबई के ईशान ने जीता दिल - BBC News हिंदी IPL में पहली बार 200+ रन बनाने के बावजूद मैच टाई हुआ, रन चेज करते हुए मुंबई इंडियंस ने आखिरी 5 ओवर में रिकॉर्ड 89 रन बनाए IPL 2020: RCBvsMI- विराट फिर फेल, बैंगलोर ने मुंबई को दी 202 की चुनौती - BBC News हिंदी

ये बर्फ़ से घिरे हिमालय की पहाड़ियों की गोद में एक ख़ूबसूरत पहाड़ी मैदान है.कोविड-19 की वजह से लगे लॉकडाउन में महीनों से स्कूल और कॉलेज बंद थे. खुली हवा में चलने वाली इन कक्षाओं ने परिजनों और छात्रों, दोनों को राहत दी है.जम्मू-कश्मीर में अब तक कोरोना संक्रमण के 19 हज़ार से अधिक मामले सामने आये हैं और 365 लोगों की कोविड-19 से मौत हो गई है.

एक छात्र के पिता मुश्ताक़ अहमद कहते हैं,"हमारे बच्चों के लिए ये अच्छा है कि वो घर में बैठकर परेशान होने के बजाय खुली हवा में चलने वाले इस स्कूल में आ रहे हैं."वे कहते हैं कि अधिकारियों को स्थानीय लोगों के साथ मिलकर ऐसे और स्कूल खोलने चाहिए.भारत प्रशासित कश्मीर हिंसा प्रभावित होने के बावजूद भारतीयों के लिए एक रोमांचक पर्यटन स्थल रहा है. इसकी ख़ूबसूरती लोगों को आकर्षित करती है.

दूदपाथरी कश्मीर का एक चर्चित हिल स्टेशन है, लेकिन इन गर्मियों में पर्यटक यहाँ नहीं पहुँच रहे.स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से कहा कि क्यों ना इस इलाक़े की ख़ूबसूरत जगहों का इस्तेमाल खुले में कक्षाएं लगाने के लिए किया जाए.सामुदायिक स्कूल खोलने में मदद करने वाले ज़ोनल एजुकेशन ऑफ़िसर मोहम्मद रिज़वान वानी कहते हैं कि 'सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखकर ही कक्षाएं चलाई जा रही हैं. ऊंचे इलाक़े में मौसम बदलता रहता है. ऐसे में कक्षाएं बिना परेशानी के चलाने के लिए हम टेंट की व्यवस्था भी कर रहे हैं.'

भारत में ग़रीबी और हर जगह इंटरनेट उपलब्ध ना होने की वजह से समाज में हाशिए पर खड़े वर्ग से आने वाले छात्र ऑनलाइन कक्षाएं नहीं कर पा रहे हैं.यहाँ तक कि निजी स्कूलों में भी ऑनलाइन कक्षाओं ने 'डिजीटल डिवाइड' के सवाल को उठाया है.कुछ छात्र ऐसे हैं जिनके पास घर में लैपटॉप, स्मार्टफ़ोन, आई-पैड जैसे कई-कई डिवाइस हैं और कुछ के पास एक फ़ोन तक नहीं है.

ऐसे में कश्मीर के ग्रामीण इलाक़ों में खुली हवा में चलने वाले स्कूल किसी राहत से कम नहीं है.इन सामुदायिक स्कूलों में पढ़ाने वाले एक शिक्षक का कहना है कि स्कूल में आने वाले अधिकतर बच्चे गुज्जर-बकरवाल समुदाय से हैं.ये शिक्षक कहते हैं,"बच्चे स्कूल आकर बहुत ख़ुश हैं और अब अन्य इलाक़ों में भी ऐसे स्कूल चलाने की माँग उठ रही है."

कश्मीर में महामारी शुरू होने से पहले भी बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे. ऐसे में खुली हवा में स्कूल चलाने का ये क़दम बच्चों के लिए बहुत मददगार साबित हुआ है.अगस्त 2019 में भारत की केंद्रीय सरकार ने संविधान के अनुच्छेद-370 को समाप्त करते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को ख़त्म कर दिया था और इस राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बाँट दिया था.

बिहार चुनावः पप्पू यादव और चंद्रशेखर आज़ाद रावण का गठबंधन - BBC News हिंदी Indian Railways: अब महंगा होने वाला है आपका टिकट, ज्यादा किराया वसूलने की तैयारी में रेलवे Bihar Election 2020: जेपी नड्डा से मिले चिराग पासवान, भाजपा के 27+3 सीटों के ऑफर पर बनती नजर आ रही बात

केंद्र सरकार के इस क़दम ने दिल्ली और श्रीनगर के बीच दूरी को और भी बढ़ा दिया है.सरकार के इस फ़ैसले के बाद कश्मीर में अभूतपूर्व लॉकडाउन लगा दिया गया था. इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं जो अभी तक पूरी तरह से बहाल नहीं की जा सकी हैं.फ़ोन सेवाएं और 2-जी इंटरनेट सेवाएं तो चालू की गई हैं, लेकिन 4-जी सेवाएं अभी भी शुरू नहीं की गई हैं.

बीते एक साल से मुस्लिम बहुल आबादी वाले इस इलाक़े में जीवन सामान्य नहीं रहा है.अधिकारियों का कहना है कि खुली हवा में चलने वाले इन स्कूलों में कोविड-19 से जुड़े सभी प्रोटोकॉल लागू किये जा रहे हैं.शिक्षकों का कहना है कि"अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करने आते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि ज़रूरत का हर सामान मौजूद रहे. अभी सिर्फ़ एक ही दिक्कत है, बारिश होती है तो सिर छुपाने का इंतेज़ाम अभी नहीं है."

जब बादल गरजते हैं और बारिश होती है तो छात्रों को भागना पड़ता है. बारिश की बूंदों की आवाज़ में बच्चों के ठहाके भी मिल जाते हैं.सभी तस्वीरें आबिद भट ने ली हैं. और पढो: BBC News Hindi »

Me too में फंसे अनुराग कश्यप, सामने आई Boolywood की Dirty Picture! देखें हल्लाबोल

बाहर से चमक दमक, ग्लैमर और जगमगाता दिखने वाला बॉलीवुड भीतर से कितना बदरंग और बदसूरत है. उसकी नई सच्चाई आरोपों की शक्ल में एक बार फिर सामने आ गई है. अभिनेत्री पायल घोष ने बहुत बड़े निर्माता निर्देशक, अभिनेता और ट्वीटर पर वक्ता बने अनुराग कश्यप पर आरोपों के ऐसे तीर चलाए कि अनुराग के चरित्र की चिंदिया उड़ गईं. मगर पायल घोष के आरोपों ने एक बार फिर सामने रख दी है, बॉलीवुड की 'डर्टी पिक्चर!' देखें हल्लाबोल, अंजना ओम कश्यप के साथ.

Masha Allah Vha space hai to khule me class lga rhe hai....Baki jha jgh nhi hai vo kya sdak pe bethee class lgane koo.... शानदार Good decision Very Good U can see the social distancing, don't post it as negatively please. कश्मीर में मौसम सुहावना है तो कक्षाएं खुले में लग सकती हैं, वाकी देश में गरमी,बरसात में ऐसा संभव नहीं।

Insaallah inki shiksha me khudavan ijafa kare PMOIndia AmitShah Do girls pas h jaan se badi koi chij nhi...ek do mahine ruk jate h...,jindagi rhegi to bahut h... Good !!👍👍👍 isprpakitstan 5 अगस्त 2020 - कश्मीरियों के मौलिक अधिकारों के हनन की वर्षगाँठ। 5 अगस्त 2020 - ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से बाबरी मस्जिद तोड़ने के बाद, प्रधानमंत्री के हाथों राम-मंदिर का शिलान्यास। जश्न मनाया जाएगा। तारीख़ बस संयोग मात्र है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास?

Kabhi bangal ki news bhi bata diya kro......bhadwo गुरुकुल, अच्छा लगेगा बच्चों को। क्या यह पुरानी फोटो है ? देखी हुई लगती है EXCELLENT

सीएम अशोक गहलोत ने राजस्थान में फिर से लॉकडाउन की संभावनाओं को किया खारिजराजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामले के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फिर लॉकडाउन की संभावनाओं को खारिज ashokgehlot51 सिर्फ विधायक लाकडाउन में रहेंगे। ashokgehlot51 अभी तो सिर्फ MLA लोगो को लॉक डाउन में रखा है। जनता की इसके बाद सोचेंगे।हम रहेंगे या नही अभी कह नही सकते। ashokgehlot51 Lockdown तो इनकी सरकार पर लगने वाला है

रक्षाबंधन स्पेशल: ग्रेसी सिंह, शुभांगी अत्रे से लेकर ऐश्वर्या सखूजा तक, लॉकडाउन में वर्चुअल रक्षाबंधन मनाएं...रक्षाबंधन स्पेशल: ग्रेसी सिंह, शुभांगी अत्रे से लेकर ऐश्वर्या सखूजा तक, लॉकडाउन में वर्चुअल रक्षाबंधन मनाएंगे सेलेब RakshaBandhan2020 HappyRakshaBandhan RakshaBandhanSpecial rakhi2020 iamgracysingh ashsakhuja iamgracysingh ashsakhuja राजस्थान_LDC_3600GP अब समय आ गया है और अब शेर दहाड़ने का इंतजार कर रहा है ..... पूरी ताक़त का इस्तेमाल करना दोस्तों .. क्यूंकि शेर जब शिकार करता है तो वो सिर्फ शिकार को देखता है राजस्थान_LDC_3600GP ashokgehlot51 zeerajasthan_ iamgracysingh ashsakhuja GodKabir_RealSavior iamgracysingh ashsakhuja पहले तो ये बताओ ये सब हैं कौन

जानिए लॉकडाउन से कितनी कम हुई शराब की बिक्री, सरकारों के राजस्व में गिरावटजानिए लॉकडाउन से कितनी कम हुई शराब की बिक्री, सरकारों के राजस्व में गिरावट alcohol AlcoholHasFallen lockdown coronavirus अगर शराब इतनी ही खराब है तो इस पर पूर्ण बैन लगा दिजिये । वरना इस पर जो टैक्स बढ़ाया जाता है वो सिर्फ निम्न वर्ग को ही भारी पड़ता है ।वैसे तो सार्वजनिक स्थलों पर या सार्वजनिक परिवहन में शराब पीना प्रतिबंधित है लेकिन हवाई जहाज में परोसी जाती है क्योंकि उसने आम आदमी सफर नहीं करता

पांच अगस्त से पहले जम्मू-कश्मीर में फिदायीन हमले की फिराक में पाकिस्तानपांच अगस्त को जैसा कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बने एक वर्ष पूरा हो रहा है। अनुच्छेद 370, 35ए टूटने की पहली वर्षगांठ मनाई जाएगी। prodefencejammu JammuAndKashmir fidayeenattack Terrorism Article370

हरदोई: भ्रष्टाचार की जांच, DPRO की रिपोर्ट में 'झोल' पर जवाबBlog PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'स्वच्छ भारत मिशन' में भ्रष्टाचार के सारे प्रूफ देखिए... साथ ही सरकारी जांच रिपोर्ट में 'झोल' भी समझिए... dmhardoi myogiadityanath PMOIndia narendramodi myogioffice swachhbharat

Rajasthan Coronavirus Update: 1 दिन में 1160 संक्रमित मिले, 14 लोगों की मौत, कोटा में 2 दिन का लॉकडाउनजयपुर। राजस्थान में वैश्विक महामारी कोरोना थमने का नाम नहीं ले रही हैं और शनिवार को 1160 नए मामले सामने आए। 14 और मरीजों की मौत हो गई। कोटा में आज 178 कोरोना संक्रमित मिलने के बाद जिला प्रशासन ने 4 और 5 अगस्त को लॉकडाउन रखने का निर्णय किया।