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ओडिशा पहुंची गोरखपुर जाने वाली ट्रेन, यात्रियों के लिए बढ़े पांच राज्य, दो दिन

ओडिशा पहुंची गोरखपुर जाने वाली ट्रेन, यात्रियों के लिए बढ़े पांच राज्य, दो दिन #Odisha #railway #IndianRailways

24-05-2020 06:02:00

ओडिशा पहुंची गोरखपुर जाने वाली ट्रेन, यात्रियों के लिए बढ़े पांच राज्य, दो दिन Odisha railway Indian Railway s

21 मई को मुंबई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई। इस ट्रेन को शुक्रवार शाम को गोरखपुर

अधिकारियों ने शनिवार शाम को कहा कि ट्रेन ने झारखंड का गोमोह पार किया जो अब भी गंतव्य से 600 किलोमीटर दूर था। ट्रेन के रविवार सुबह गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद है। ट्रेन मुंबई से 21 मई को शाम के 7.20 मिनट पर रवाना हुई और इसे 22 मई की शाम को गोरखपुर पहुंचना था। ट्रेन में 1,600 यात्री हैं। बहुत से यात्री मार्ग परिवर्तन की जानकारी न देने पर भड़क गए और कहा कि उनके पास खाना या पानी नहीं है।

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यात्रियों का कहना है कि उन्हें मार्ग परिवर्तन के बारे में शनिवार सुबह पता चला जब उनके मोबाइल फोन पर ओडिशा में आपका स्वागत है वाला संदेश आया। 26 साल के संतोष गावड़े ने कहा, ‘जब ट्रेन राउरकेला पहुंची हम डर गए और स्टेशन पर उतरकर ड्राइवर से बात की। ड्राइवर ने हमें प्रशासन से बात करने को कहा। मैंने इंटरनेट पर नंबर देखना शुरू किया और गोरखपुर कंट्रोल रूम को बताया कि ट्रेन अपना रास्ता भटक गई है। तब हमें मार्ग परिवर्तन के बारे में पता चला।’

एक अन्य यात्री मनोज कुमार ने कहा, ‘हमें आखिरी बार शुक्रवार शाम को नागपुर में खाने को खिचड़ी का पैकेट और पानी की बोतल मिली थी। इसके बाद पूरा दिन बीत जाने के बाद गोमोह में हमें कुछ पूड़ी और सब्जी मिली।’ जोनल रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सिस्टम पूर्वी यूपी और बिहार के मार्गों पर अपनी क्षमता से अधिक ट्रेनें संचालित कर रहा है ताकि प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया जा सके।

वहीं रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ ट्रेनों की अधिक संख्या रहती है, ऐसे में इन मार्गों पर भीड़ अधिक होती है। इसी वजह से हमने कुछ ट्रेनों को दूसरे रूट से ले जाने का फैसला किया है और ये अक्सर होता रहता है।’ पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों तक रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तन जारी रहेगी, जब तक कि लाइन क्लियर नहीं हो जाती।

सार21 मई को मुंबई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई।यात्री मार्ग परिवर्तन की जानकारी न देने पर भड़क गए और कहा कि उनके पास खाना या पानी नहीं है।रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ ट्रेनों की अधिक संख्या रहती है, ऐसे में इन मार्गों पर भीड़ अधिक होती है।

विस्तारएक मई से रेलवे देश के विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इसी बीच पहुंचना था लेकिन इसे ओडिशा की तरफ मोड़ दिया गया। जिसने यात्रियों की यात्रा को दो दिनों के लिए बढ़ा दिया और उन्हें पांच राज्यों को पार करना पड़ा।

विज्ञापनअधिकारियों ने शनिवार शाम को कहा कि ट्रेन ने झारखंड का गोमोह पार किया जो अब भी गंतव्य से 600 किलोमीटर दूर था। ट्रेन के रविवार सुबह गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद है। ट्रेन मुंबई से 21 मई को शाम के 7.20 मिनट पर रवाना हुई और इसे 22 मई की शाम को गोरखपुर पहुंचना था। ट्रेन में 1,600 यात्री हैं। बहुत से यात्री मार्ग परिवर्तन की जानकारी न देने पर भड़क गए और कहा कि उनके पास खाना या पानी नहीं है।

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यात्रियों का कहना है कि उन्हें मार्ग परिवर्तन के बारे में शनिवार सुबह पता चला जब उनके मोबाइल फोन पर ओडिशा में आपका स्वागत है वाला संदेश आया। 26 साल के संतोष गावड़े ने कहा, ‘जब ट्रेन राउरकेला पहुंची हम डर गए और स्टेशन पर उतरकर ड्राइवर से बात की। ड्राइवर ने हमें प्रशासन से बात करने को कहा। मैंने इंटरनेट पर नंबर देखना शुरू किया और गोरखपुर कंट्रोल रूम को बताया कि ट्रेन अपना रास्ता भटक गई है। तब हमें मार्ग परिवर्तन के बारे में पता चला।’

एक अन्य यात्री मनोज कुमार ने कहा, ‘हमें आखिरी बार शुक्रवार शाम को नागपुर में खाने को खिचड़ी का पैकेट और पानी की बोतल मिली थी। इसके बाद पूरा दिन बीत जाने के बाद गोमोह में हमें कुछ पूड़ी और सब्जी मिली।’ जोनल रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सिस्टम पूर्वी यूपी और बिहार के मार्गों पर अपनी क्षमता से अधिक ट्रेनें संचालित कर रहा है ताकि प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया जा सके।

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Bullet train chala diya ka .... guilhermepiu

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श्रमिक ट्रेन में कई महिलाएं बनीं मां, ट्रेन के कोच में खिलीं किलकारियांएक से 21 मई तक श्रमिक ट्रेन में कम से कम 24 महिलाओं ने सफर किया है। भारतीय रेल के अधिकारियों ने बताया कि इन 24 महिलाओं में Kya baat hai, train me Maternity coach hona chae , डर तोह इस बात का हैं कहीं ये किलकारियां मुरझा ना जाए। मौजूदा हालत को देखते हुए गरीब का भविष्य सिर्फ अंधकार में डूबा हुआ है । ना रोजगार है, ना शिक्षा और देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त होते जा रही है । हर तरफ गरीबी छाई हुई है । इन 6 वर्षों में देश का काया पलट कर दिया इस सरकार ने ! 🙏🙏🙏🙏❤️❤️❤️

प्रवासी मजदूरों को लेकर मुंबई से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन पहुंच गई ओडिशा, भारतीय रेलवे भी हुआ हैरानप्रवासी मजदूरों को लेकर मुंबई से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन पहुंच गई ओडिशा, भारतीय रेलवे भी हुआ हैरान Indian Railway s MigrantLabourers specialtrain दुःखद वाकया Dukhi katne bali Ghatna h कुछ भी मुमकिन है।

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ममता बनर्जी का रेलवे को पत्र, 26 मई तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन रोकने की अपीलCorona Virus, Covid-19, Covid-19 updates, Mamta Banerjee, Railway , Shramik special train, कोरोना वायरस , ममता बनर्जी, रेलवे, श्रमिक स्पेशल ट्रेन , अम्फान

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