ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले लोग आख़िर 'काल्पनिक पात्र' कैसे बन गए? - BBC News हिंदी

ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले लोग आख़िर 'काल्पनिक पात्र' कैसे बन गए?

21-07-2021 15:48:00

ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले लोग आख़िर 'काल्पनिक पात्र' कैसे बन गए?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बड़ी संख्या में हुई मौतों में से किसी एक की भी वजह ऑक्सीजन की कमी नहीं है क्योंकि राज्यों ने ऐसा नहीं कहा है

समाप्तलेकिन मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से जब ऑक्सीजन की कमी से सड़कों और फुटपाथों पर हुई मौतों के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसका लिखित जवाब राज्यसभा में दिया.ताज़ा मंत्रिमंडल बदलाव में डॉ. हर्षवर्धन की जगह स्वास्थ्य मंत्री मांडविया ने कहा, "किसी भी राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था का काम राज्य सरकार देखती है, स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए सभी राज्य और केंद्र शासित राज्य रोज़ाना कोरोना के केस और इससे होने वाली मौतों की जानकारी मंत्रालय को देते रहे हैं. हालांकि किसी भी राज्य और केंद्र शासित राज्य में ऑक्सीज़न की कमी से एक भी मौत की जानकारी नहीं मिली है."

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ये जवाब सुनकर ज़्यादातर लोग अवाक हैं जिन्होंने अपनों को ऑक्सीजन न मिलने की वजह से खोया है, या अपने आस-पास के लोगों की मौत के सामने बेबसी देखी है लेकिन सरकार का जवाब स्पष्ट है, राज्य सरकारों ने किसी एक मामले में मौत की वजह में 'ऑक्सीजन न मिलना' नहीं लिखा है इसलिए तकनीकी तौर पर ऑक्सीजन की कमी से कोई नहीं मरा है.

आगरा और दिल्ली के अस्पतालों का आँखों देखा हालइमेज स्रोत,Getty Imagesअपने 47 वर्षीय पति को खो चुकी रेणु सिंघल सरकार के इस बयान पर कहती हैं, "कुछ हो तो अस्पताल जाना चाहिए, यही कहा जाता रहा, हमेशा लेकिन जब अस्पताल कह दे कि हम नहीं देख पाएँगे क्योंकि ऑक्सीजन वाला बेड नहीं है, तो कोई और कहां जाएगा?" headtopics.com

एक मई को दिल्ली के बत्रा अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर एससीएल गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा था, "हमें ऑक्सीज़न वक्त पर नहीं मिली, 12 बजे दोपहर में ऑक्सीज़न ख़त्म हो गई, हम मरीज़ों को नहीं बचा सके, जिसमें हमारे एक डॉक्टर भी शामिल थे. शनिवार (30 अप्रैल) को हमने लगभग एक घंटे अस्पताल बिना ऑक्सीज़न के चलाया."

30 अप्रैल को दिल्ली के बत्रा अस्पताल में 12 लोगों की मौत इसलिए हो गई क्योंकि अस्पताल में ऑक्सीज़न खत्म हो गई थी. अस्पताल ने इमरजेंसी मैसेज भी जारी किया था कि 326 मरीज़ अस्पताल में भर्ती हैं और ऑक्सीज़न सिर्फ़ 10 मिनट ही चल सकेगी लेकिन इस अपील के बाद भी अस्पताल को ऑक्सीज़न वक़्त पर नहीं मिली.

27 अप्रैल को दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल ने बताया कि 22 अप्रैल की शाम 5 बजे ऑक्सीज़न की सप्लाई मिली लेकिन 23 अप्रैल ऑक्सीज़न 10-15 मिनट देरी से मिली और इसके लिए कई इमरजेंसी मैसेज जारी किए गए तब जाकर एम्स अस्पताल से कुछ ऑक्सीज़न डायवर्ट की गई. लेकिन 10-15 मिनट की देरी में 20 लोगों की मौत हो गई और कुछ मिनटों की देरी से ये परिवार उजड़ गए.

ऑक्सीज़न की कमी के कारण अपनों को खोने वालों में एक हैं गुरुग्राम की रहने वाली निरूपमा.इमेज स्रोत,Getty Images30 अप्रैल की रात गुरूग्राम के कीर्ति अस्पताल में छह लोगों की मौत हो गई, बताया गया कि देर रात अस्पताल में ऑक्सीज़न सप्लाई बंद हो गई और अस्पताल के सभी कर्मचारी भाग गए. इस घटना का वीडियो खूब वायरल हुआ. उस रात जिन छह लोगों की मौत हुई उनमें एक निरूपमा की मां भी थीं. headtopics.com

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बीबीसी से बात करते हुए निरूपमा बताती हैं, "जब ये घटना हुई तो अस्पताल में कोई नहीं था, हम सभी लोग अपने मरीज़ों के लिए इधर-उधर भाग रहे थे ताकि कोई अस्पताल का कर्मचारी मिल जाए लेकिन कोई नहीं था. अस्पताल से किसी ने हमें नहीं बताया कि ऑक्सीज़न खत्म हो गई है. यहां तक कि मेरी मां के लिए हम रिलिविंग चिट्ठी चाहते थे ताकि उन्हें दूसरे अस्पताल में ले जाया जा सके, इस चिट्ठी में उनका ऑक्सीज़न लेवल 37 लिखा गया था. हालांकि मौत के बाद अस्पताल से जो दस्तावेज़ मिले उसमें मेरी मां की मौत का कारण हार्ट अटैक लिखा गया था जबकि वजह ये थी कि मेरी माँ को ऑक्सीज़न नहीं मिला."

11 मई, मंगलवार को गोवा मेडिकल कॉलेज में रात 2 बजे से लेकर सुबह 6 बजे के बीच 26 लोगों की मौत हो गई थी जिस पर गोवा के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था, "देर रात ऑक्सीज़न की सप्लाई रुकने के कारण लोगों की मौत हुई है. इस मामले में हाईकोर्ट को एक कमेटी बनाकर जांच करनी चाहिए. सोमवार को हमने 1200 ऑक्सीज़न सिलेंडरों की मांग की थी लेकिन हमें 400 सिलेंडर ही मिले. अस्पलातों पर काफ़ी दबाव है और उन्हें ज़रूरत भर ऑक्सीज़न नहीं मिल रही है".

इमेज स्रोत,Getty Imagesतीन मई को कर्नाटक के चामराजनगर में मेडिकल ऑक्सीजन के लो-प्रेशर की वजह से एक अस्पताल में भर्ती 12 मरीज़ों की मौत हो गई. यह सभी कोरोना के मरीज़ थे.चामराजनगर इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइसेंज के डीन डॉ. जीएम संजीव ने कहा, "इंस्टीट्यूट के अस्पताल में रात 12 बजे से तड़के दो बजे तक ऑक्सीजन का प्रेशर कम था. यहाँ ऑक्सीजन पर 122 मरीज़ थे. इनमें से जिन 12 कोविड मरीज़ों की मौत हुई है, हमने ज़रूरी ऑक्सीजन लेवल को बरक़रार रखने की काफ़ी कोशिश की, लेकिन सुबह तक 12 मरीज़ों की मौत हो गई."

इसी तरह, 11 मई को आंध्र प्रदेश में तिरुपति के एक सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 11 कोविड मरीज़ों की मौत हो गई. ये सारे मरीज़ आईसीयू वार्ड में भर्ती थे. खुद अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर भारती ने बताया कि "ये हादसा ऑक्सीजन सप्लाई के प्रेशर में कमी आने के कारण हुआ." headtopics.com

एक स्वतंत्र कम्युनिटी डेटाबेस प्रोजेक्ट डेटामीट को देश में कोरोना महामारी के दौरान बनाया गया है और जो कोरोना से जुड़े मामलों का डेटा रखता है. इस डेटाबेस में ऑक्सीज़न हुई मौत के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया गया है कि देश में ऑक्सीज़न की कमी से 619 मौतें हुई हैं, ये आंकड़ा 27 मई, 2021 को आखिरी बार अपडेट किया गया है हालांकि बीबीसी इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं कर सका है.

केंद्र सरकार पर राज्यों के आरोपइमेज स्रोत,Getty Imagesइस मामले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष ससौदिया ने केंद्र सरकार पर ऑक्सीज़न की कमी से हुई मौतों की जांच न कराने के आरोप लगाए हैं.बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सिसौदिया ने कहा, "हम एक समिति बना रहे थे जो ऑक्सीज़न की कमी से होने वाली मौतों की जांच करने वाली थी. यह समिति तय करती कि ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत के लिए कौन ज़िम्मेदार है तो केंद्र सरकार को लगा कि इसमें तो हमारी जिम्मेदारी तय हो जाएगी जो हमने मिस-मैनेजमेंट किया है, वो सामने आ जाएगा. केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की प्रस्तावित समिति को बनाने नहीं दिया, एलजी के ज़रिए रुकवा दिया गया."

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दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री ने कहा, "आप समिति बनाने नहीं देते, जांच होने नहीं देते, और कहते हैं कि देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई? आंकड़े सामने आने नहीं देते और कहते हैं कि राज्य सरकारों ने आंकड़े नहीं दिए."सत्ताधारी पक्ष का जवाबइमेज स्रोत,

Getty Imagesसरकार और सत्ताधारी पार्टी बीजेपी का कहना है कि "संसद में वही बताया गया जो राज्यों ने केंद्र सरकार को बताया. बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसी मामले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा है, "केंद्र कहता है कि स्वास्थ्य राज्यों का विषय है. केंद्र का कहना है कि हम सिर्फ राज्यों के भेजे डेटा को संग्रहित करते हैं. हमने एक गाइडलाइन जारी की है, जिसके आधार पर राज्य अपने मौत के आंकड़ों को रिपोर्ट कर सकें."

पात्रा कहते हैं, "किसी भी राज्य ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर हुई मृत्यु पर कोई आंकड़ा नहीं भेजा. किसी ने ये नहीं कहा कि उनके राज्य में ऑक्सीजन की कमी को लेकर मौत हुई है. चाहे महामारी, चाहे वैक्सीन का विषय हो. हर विषय में झूठ बोलना, हर विषय में भ्रम फैलाना और हर विषय में लोगों को बरगलाना, ये राहुल गांधी जी ने एक ट्विटर ट्रोल के रूप में काम करते हुए किया है."

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श्राद्ध पक्ष आज से शुरू: चीन में 2 दिन का चिंग-मिंग, बौद्ध देशों में घोस्ट फेस्टिवल और फ्रांस में ला टेसेंट, दुनिया भर में अलग-अलग तरीके से पितरों को याद करने की परंपरा

ज्यादातर देशों में नई फसल आने और मौसम के परिवर्तन के समय याद किया जाता है पुरखों को,कहीं एक दिन तो कहीं 7 दिन तक चलता है फेस्टिवल, कोरिया जैसे देशों में रहती है छुट्टी | Shraddh 2021: Pitru Paksh Start Date 20 September to 6 October Its Also Celebrated in World Wide by Diffrent Name As Ancestors Festivals, आज से श्राद्ध पक्ष शुरू हो रहे हैं पितरों की शांति के लिए भारत में श्राद्ध और तर्पण होते हैं। वहीं दुनिया के और भी देश ऐसे हैं जहां पितृ शांति के लिए ऐसा किया जाता है। चीन, जर्मनी, सिंगापुर, मलेशिया और थाइलैंड समेत कई देशों में मृत आत्माओं की शांति और भोजन के लिए पितरों की याद में खास त्योहार मनाए जाते हैं। भारत में पितृ पक्ष सितंबर और अक्टूबर में मनाया जाता है। वहीं जर्मनी में ये समय नवंबर में आता है और चीन में 5 अप्रैल को मनाया जाता है।

सत्य शिखर पार्टी की सरकार ही कोरोना का अंत करेगी अन्य अभी तक विफल आगे भी विफल रहेंगे, गो विरोधी अधर्मी भाजपा/ कांग्रेस/ अन्य सरकारों से कोरोना नियंत्रण असंभव तो सुनो भो$$ वालो ये delhi और महाराष्ट्र ने कोर्ट में कहा है QA BBC VALO KO BBI CANGRES NE KHARID LYA HAI? QA MATLAB HAI AAPKA? Hamare Desh mein laakho log mar gye lekin Modi Ke Desh mein koi nahi mara Kyunki Wo to Bharat ko Apna desh mante hi nahi.

Fir baba ji ne bahar se O2 kyu mangwai जिस प्रकार हर एक बात को काल्पनिक धोषित किया जा रहा है। अगर समय 'धोषित ' करने वाले के पक्ष में आ जाए तो ,आपके न्यूज चैनल को भी काल्पनिक धोषित करने में देर नहीं लगेगी ? Sarkar ki samvednaye Mr gyi hai thats politics, en state and central k chakkar mai 😶 झूठा ओछा प्रचार शुरू

सरकार ने कहा, ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत होने की सूचना नहीं - BBC Hindiकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राज्यसभा में विपक्ष के सवालों के जवाब देते हुए कहा है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ऑक्सीजन की कमी से एक भी व्यक्ति की मौत होने की सूचना नहीं दी है. 😂😂😂😂 Indians told to minister 👇 कुछ तों शर्म करो सरकार 🙏 कल परसों कि बात है

क्या कहे कुछ कहा नही जाये.....। Insano ne dekha h wo Nazara jo bhola na jaiga Isko jhoot bolne wala insan ho nahi sakta बौहत दुख की बात है लेकिन सच यही है कि रजनीति में लोगों को अपना फायदा दिखाई देता है कोरोना और आक्सीजन की कमी से जूझ कर मरने वाला नहीं Ask to Delhi kajiriwala govt.. HarishG82141308 Yehi hai Sarkar

😢 शासन बाबा बाब्बा मुक्त करना होगा! वैदिक सनातन धर्ममे इनके शासन को जगह ही नही! अधर्म चलरहा भारत मे और वैदिक संत/विद्वान, चुप खींच बैठे! ये ज्यादा दिन नही चल सकेगा! शर्माजी जैसो को लूटा लौटाना पड़ेगा! कोर्ट जागे न जागें! राम युग से पहले था परसराम युग याद रहे अतिअल्पसंख्यक को “इस कहानी के सभी पात्र और घटनाए काल्पनिक है, इसका किसी भी व्यक्ति या घटना से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी व्यक्ति से इसकी समानता होती है, तो उसे मात्र एक संयोग कहा जाएगा “ - सिस्टम जी CovidSecondWave OxygenDeaths OxygenCrisis

Kejriwal thu hai aur tum jaise netao par ....pandemic time chilla chilla k oxygen oxygen kar rhe the ....ab kyo bola supreme court me oxygen ki kami se maut nhi hui . Tum jaise netao ko pad pe rhne ka koi hak nhi. राज्यों की रिपोर्ट के मुताबिक । परन्तु जेहादीयों को मोदीजी का विरोध करना है। कर लो क्या उखाड लो गे।वावा जी का ठुल्लु।

मीडिया की मिली भगत से 🤷

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई मौत: केंद्रपवार ने बताया कि 'स्वास्थ्य राज्य का विषय है और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश कोविड के मामलों और मौत की संख्या के बारे में केंद्र को नियमित सूचना देते हैं। किसी ने भी ऑक्सीजन के अभाव में जान जाने की सूचना नहीं दी है।' Janta :

bbc news hindi is more interested in defame india rather than journalism ..... जैसे अंग्रेजो के जासूस संगठन का आजादी की जंग में शहीद कार्यकर्ता मिलना एक संयोग हो सकता है वैसे ही ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले सारे पत्र काल्पनिक है उनका किसी भी व्यक्ति से संबंध होने का सिर्फ संयोग हो सकता है मौत में कोई झूट नही बोलता है अगर narendramodi मौत पर झूठ बोलरहा तो कोई बात कभी सच बोल है । मौत अंतिम सत्य है उससे डर के तो सच बो देते । न भगववान माफ करेगा न देश के जनता याद रखना anjanaomkashyap i_am_ravish ppbajpai awasthis romanaisarkhan RubikaLiyaquat AMISHDEVGAN

कोरोना से हुई मौतों पर केंद्र की सफाई: सरकार बोली- ऑक्सीजन की कमी से देश में एक भी मौत नहीं हुई, राज्यों की रिपोर्ट का दिया हवालाकेंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि कोरोना की दूसरी लहर में देश में किसी की भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। | The government said - not a single death occurred in the country due to lack of oxygen, did not ask any state to tamper with the data MoHFW_INDIA Dainik Bhaskar सोशल मीडिया के मेरे फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पेज को लाइक और फॉलो करे फेसबुक - इंस्टाग्राम - ट्विटर - व्हाट्सएप्प - समीर श्रीवास्तव MoHFW_INDIA Bc khud dekha janta ne...safed jhuth n bole bdwe OxygenShortage OxygenCrisis 2ndWave ..... hospital me jo oxygen shortage hue vo kya...!? MoHFW_INDIA 😂😂😂😂😂😂😂

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी में किसी की मौत की ख़बर नहींः केंद्र सरकारराज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने बताया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश नियमित तौर पर कोरोना के मामले और मौत की संख्या के बारे में केंद्र सरकार को सूचित करते हैं, लेकिन राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने ऐसी कोई सूचना नहीं दी. विकाऊ मीडिया व पत्रकारिता देश विरोधी जनविरोधी खबरे दिखा देश को बदनाम करने का अपना अजेंडा चला रही हे व ये इसके बदले देशविरोध विपछ व विदेशी फ़नडींग ले देश मे पेनीक फेला,भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत मे रोड़ा बने हुये हे,इनके नकेल लागि जाये ,जो देशहित जनहित मे होगा ......

'अभी हमारे पास ऑक्सीजन की कमी से मौतों के आंकड़े नहीं', बोले दिल्ली के डिप्टी CMभाजपा प्रवक्ता बोले- 'किसी ने भी नहीं कहा कि उनके राज्य में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत हुई है। इसलिए इसके आंकड़े नहीं हैं। क्या ये डेटा केंद्र ने बनाया? नहीं, राज्यों ने नहीं भेजा।

केंद्र के 'ऑक्सीजन की कमी' वाले बयान पर सियासत गर्म - BBC News हिंदीऑक्सीजन की कमी पर केंद्र के बयान को लेकर राजनीति तेज़ हो गई है. कई विपक्षी नेताओं ने इसकी निंदा की है. पढ़ें आज की सुर्खियां. केन्द्र सरकार वही केह रही है जो राज्य सरकार के रिपोर्ट मे है. RSS and Modi are terrorists Constitution should investigate the PM झूंटों की सरकार