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ऐसे अंधविश्वास से बचिए..: यूपी के गांवों में कोरोना की जागरुकता नहीं... गोरखपुर में 'कोरोना माई' को जल चढ़ाकर महामारी से निजात दिलाने प्रार्थना कर रहीं हैं महिलाएं

ऐसे अंधविश्वास से बचिए..: यूपी के गांवों में कोरोना की जागरुकता नहीं... गोरखपुर में 'कोरोना माई' को जल चढ़ाकर महामारी से निजात दिलाने प्रार्थना कर रहीं हैं महिलाएं #UttarPradesh #Coronavirus

09-05-2021 15:07:00

ऐसे अंधविश्वास से बचिए..: यूपी के गांवों में कोरोना की जागरुकता नहीं... गोरखपुर में 'कोरोना माई' को जल चढ़ाकर महामारी से निजात दिलाने प्रार्थना कर रहीं हैं महिलाएं UttarPradesh Coronavirus

यह तस्वीरें उत्तरप्रदेश में कोरोना को लेकर जागरुकता का स्तर का बयां कर रही है। गोरखपुर में कई महिलाएं अंधविश्नावास से प्रेरित होकर कोरोना माई को जल अर्पित कर रही हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए शहर से लेकर गांव तक महिलाएं इन दिनों सुबह-शाम 'कोरोना माई को धार (पूजा) चढ़ा रहीं हैं। उनका तर्क है कि यह कोई वायरस नहीं बल्कि एक दैवीय आपदा है। देवी की पूजा कर उन्हें प्रसन्न करके ही इससे निजात पाया ज... | Women adopted this unique method in the fight against Corona , praying for relief from the epidemic demanding ' Corona Mai'

Women Adopted This Unique Method In The Fight Against Corona, Praying For Relief From The Epidemic Demanding 'Corona Mai'Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपऐसे अंधविश्वास से बचिए..:यूपी के गांवों में कोरोना की जागरुकता नहीं... गोरखपुर में 'कोरोना माई' को जल चढ़ाकर महामारी से निजात दिलाने प्रार्थना कर रहीं हैं महिलाएं

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गोरखपुर5 घंटे पहलेकॉपी लिंकगोरखपुर में कोरोना से मुक्ति के लिए ऐसे सामूहिक पूजा कर रही हैं महिलाएं।यह तस्वीरें उत्तरप्रदेश में कोरोना को लेकर जागरुकता का स्तर का बयां कर रही है। गोरखपुर में कई महिलाएं अंधविश्नावास से प्रेरित होकर कोरोना माई को जल अर्पित कर रही हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए शहर से लेकर गांव तक महिलाएं इन दिनों सुबह-शाम 'कोरोना माई को धार (पूजा) चढ़ा रहीं हैं। उनका तर्क है कि यह कोई वायरस नहीं बल्कि एक दैवीय आपदा है। देवी की पूजा कर उन्हें प्रसन्न करके ही इससे निजात पाया जा सकता है। दैनिक भास्कर अपने पाठकों से अपील करता है कि संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन लगवाइए। मास्क लगाइए और दो गज की दूरी का पालन कीजिए। भीड़ वाली जगहों में जाने से बचिए।

5 दिन से चढ़ रही पूजा, 9वें दिन चढ़ेगी कढ़ाईयह नजारा शहर के सभी मोलल्लों व गांवों में स्थित काली मंदिर, डीह बाबा स्थान, डिवहारी माई, सती माता आदि मंदिरों पर देखने को मिल रहा है। इसके लिए सुबह करीब पांच बजे महिलाओं का अलग—अलग समूह जल में नीम का पत्ते के साथ देवी को धार चढ़ा रहीं हैं। महिलाओं के मुताबिक रविवार को इस पूजन का पांचवा दिन रहा। वहीं, सातवें दिन पक्की धार (हल्दी, नारियल व गुड़) की धार चढ़ेगी। इसके बाद देवी को कढ़ाई (हलवा-पूड़ी) चढ़ाई जाएगी। अंधविश्वास के चलते इन महिलाओं का मानना है कि सात दिन धार चढ़ाने से देवी प्रसन्न होंगी और सातवें दिन चढ़ाने से वे हम सबकी प्रार्थना स्वीकार कर इस महामारी को खुद में समाहित कर दुनिया को इससे मुक्त कर देंगी। headtopics.com

जंगल में आग की तरह फैली आस्था, पूजा चढ़ाने को मची होड़ऐसा नहीं है कि यह पूजा सिर्फ गांव-देहात या सिर्फ अनपढ़ महिलाएं ही कर रही हैं। बल्कि इस पूजन की जानकारी सिर्फ पांच दिनों में जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते शहर की पढ़ी-लिखी और सामाजिक रुप से विकसित महिलाएं भी अब इसमें काफी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

वहीं शहर की महिलाओं का मानना है कि कोई दवा या वैक्सीन इस बीमारी पर काम नहीं कर रही है। ऐसे में अब यही एक मात्र विकल्प है। अब सबकुछ सिर्फ ईश्वर के ही हाथों में है और हमें सनातन धर्म पर पूर्ण विश्वास है कि अब यह महामारी जल्द ही खत्म हो जाएगी।यूं शुरू हुई देवी की पूजा

गोरखनाथ इलाके के शास्त्रीपुरम में प्रसिद्ध काली मंदिर पर भी इन दिनों सुबह- शाम देवी की पूजा की जा रही है। यहां पूजा चढ़ाने वाली बिजली देवी के मुताबिक लक्ष्छीपुर स्थित काली मंदिर के पूजारी सूरजभान के उपर देवी आती हैं और उन्हें भविष्य में होने वाली घटनाओं और उससे कैसे टाला जा सके इसके उपाय भी बताती हैं। अभी कुछ दिनों पूर्व भी पूजारी को देवी काली ने यह संकेत दिया है कि अगर शहर से लेकर गांव तक सभी महिलाएं 7 से 9 दिनों तक धार चढ़ाएं और 9वें दिन उन्हें कढ़ाई चढ़ाएं। देवी इस महामारी को खुद में समाहित कर समाज को इससे मुक्त कर देंगी।

लक्ष्छीपुर गांव में हुई इस पूजा की शुरूआत देखते ही देखते शहर के सभी मोहल्लों और अब तो गांवों में शुरू हो गई। इसी विश्वास के साथ महिलाएं मां काली को पूजन चढ़ा मां काली से इस बीमारी से निजात दिलाने की दुआ मांग रहीं हैं।शास्त्रों में भी है ऐसी पूजा की मान्यता headtopics.com

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अक्षय ज्योतिष संस्थान के पंडित रविशंकर पांडेय बताते हैं कि आस्था वो होता है, जिसमें विश्वास हो। जब ईश्वर, गुरु पर विश्वास होता है तो कि इनसे सभी कार्य बन जाएंगे तो उसे आस्था कहते हैं। जहां पर आस्था अज्ञानता का आवरण लेती है वह अंधविश्वास होता है। कभी-कभी अपनी महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए व्यक्ति वह सबकुछ करने लगता है, जो अज्ञानता का पर्याय हो जाता तो वह अंधविश्वास हो जाता। आस्था व्यक्ति को सबल बनाता है, जबकि अंधविश्वास व्यक्ति को दूर्बल बना देता है। जब किसी कष्ट से निपटने के सभी रास्ते बंद हो जांए और ईश्वर ही एक मात्र सहारा दिख रहा हो, तो ईश्वर तक अपनी प्रार्थना पहुंचाने के लिए ऐसे रास्तों को अपनाया जाना, जिसमें लाभ कम बल्कि नुकसान होने की संभावना अधिक हो तो वह आस्था न रहकर अंधविश्वास का रुप धारण करती है।

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वारदात: Oxygen की कमी से मर रहे थे लोग, अब सरकार के पास नहीं है मौत की वजह का डेटा

एक कहावत है, ना खाता ना बही, जो हम कहें वही सही. बस सरकार का रवैय्या ऐसा ही है. सरकार का कहना है कि राज्य सरकारों ने मरने वालों की मौत की वजह का डेटा नहीं दिया, इसलिए वो इस नतीजे पर पहुंच गए कि देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मरा ही नहीं. तो फिर आप दुनियाभर से ऑक्सीजन क्यों मंगा रहे थे? क्यों ऑक्सीजन के प्लांट लगवा रहे थे? क्यों तब राज्य सरकारों पर आप खुद ऑक्सीजन की हेरा फेरी का आरोप लगा रहे थे? क्यों ऑक्सीजन की कालाबाजारी के नाम पर लोगों को जेल भेज रहे थे? देखें वारदात.

धन्य हो प्रभु आप कब किस रूप में मौत बनकर आ जाएंगे ये हमारे पाखंडी तय करते हैं Hamare desh ka kuch nahi ho sakta Ye andviswas nhi h.... Ye positive energy deta h logo ko lekin ap to khud negativity ki dukan ho... Apko kya pta chalega Jab tali,thali aur diya jal raha tha to tum kisi dusre planet par the kya?

😂😂😂 सरकार और डॉक्टरों से जब विश्वास उठ जाता है तब जीने के लिए अंधविश्वास ही काम आता है। Agar ye andvishvas hai to use bhi andhvishwas mano jo pm ne karwaya tha pichhle sal UPCMOffice CoronavirusIndia 🙏🙏🙏 Ab mere pas kuch bhi nhi kahne ko Sir, many people are suffering from covid symptoms in villages. Many of our near and dear ones have expired due to lack of oxygen and hospital beds. Lack of awareness among rural people. Pl add village news also in ur newspapers. TOILucknow htTweets the_hindu

To tum kya sochte ho scince ne to duniya Ki aisi halat krdi हिन्दूओं के आस्था पर टीका-टिप्पणी करना आसान है मुस्लिम समुदाय के आस्था पर टीका-टिप्पणी करने से पैर थरथर्राने लगता है। ईशवरवादी पूजा कर रहे हैं इसमें क्या अनुचित है?

बिहार में कल से 18 से ऊपर के लोगों को लगेगी कोरोना वैक्सीन, ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशनबिहार के लोगों के लिए खुशखबरी है। राज्य के 18 से 44 साल के ऊपर के लोगों को नौ मई से वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस बाबत जानकारी दी है। Thanks I got slott Shame on Bihar police Imploring money Rs 1000 from Divyang candidate to go on Medical store

Murkh

कोरोना को लेकर बदइंतजामी और चुनावों में उसके असर से RSS, बीजेपी में मची खलबली: सूत्रएक नेता ने एनडीटीवी से कहा, जब आप किसी को खो देते हैं तो उसका दु:ख और गुस्सा लंबे समय तक रहता है और वह किसी भी रूप में सामने आ सकता है. उन्होंने कहा कि महामारी को लेकर बीजेपी पर चुनाव में क्या असर होगा इसको लेकर शीर्ष नेतृत्व में बड़ी चिंता है. bjp + sangh ko chinta sirf satta haath se jaane ki hai .... corona bimari se mukti paane ki nahin ParmatmaNirbharBharat 🙏 RSS = ISIS

राष्ट्रीय कोरोना नियंत्रण मिशन, जिससे काबू में आ सकता है कोरोनादेश में चारों तरफ कोरोना महामारी का प्रकोप है। केंद्र और राज्य सरकारों के पास अभी तक ऐसी कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है जिससे आम जनता में यह विश्वास जग सके कि हम इस महामारी से निबटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ऐसे कठिन दौर में देश के कई प्रतिष्ठित अनुभवी चिकित्सकों और जमीनी कार्य करने वाले समाजसेवियों के साथ कई दिनों के गहन विचार-विमर्श के बाद भारतीय राजस्व सेवा के सेवानिवृत वरिष्ठ अधिकारी डॉक्टर आरके पालीवाल, पूर्व प्रिंसिपल चीफ़ कमिश्नर इनकम टैक्स, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ ने कोरोना के प्रभावी नियंत्रण के लिए एक कार्ययोजना बनाई है जिसे 'राष्ट्रीय कोरोना नियंत्रण मिशन' नाम दिया है। जानतेइस कार्ययोजना के बिंदु-

बिहार: बक्सर के चौसा में 71 संदिग्ध कोरोना शवों को गंगा नदी से निकाला गयाबक्सर पुलिस ने बताया कि इसमें से कुछ शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है और कुछ की अभी कोरोना टेस्टिंग की जानी है. ज़िला प्रशासन के अधिकारियों ने ये भी कहा कि ऐसा हो सकता है कि ये शव पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के वाराणसी और इलाहाबाद जैसे शहरों से बहकर आए हों. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में यमुना नदी में भी शव मिले हैं. प्रशासन ने कहा कि मौतें कोविड से नहीं हुई हैं. 🥺 Jaha pr BJP sarkar hai sab state ka ye hi haal ho raha hai bjp bhagao jaan bachao Good work 👍

कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को अडॉप्ट करने में न करें गलती, एक्सपर्ट्स ने चेतायाकोरोना महामारी के दौर में सोशल मीडिया पर बच्चों को गोद लेने जैसे पोस्ट भी चल रहे हैं, लेकिन बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है. साथ ही एक्सपर्ट ये भी चिंता जाहिर करते हैं कि कुछ लोग इन स्थितियों का गलत फायदा उठा सकते हैं.

भारत में कोरोना से पिछले 24 घंटों में 4,187 मौतें, चार लाख नए मामले - BBC Hindiएक दिन में चार हज़ार से ज़्यादा मौत के मामले में भारत ब्राज़ील और अमेरिका के बाद ती़सरा देश बन गया है. 14 फ़रवरी के बाद से भारत में कुल 82 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान कोरोना से गई है.