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उपलब्धि: छह महीने काम आने के लिए बने मंगल ऑर्बिटर ने पूरे किए सात साल, भारतीय तकनीकी कौशल का मनवाया लोहा

मंगल ग्रह की लगातार सात वर्ष परिक्रमा कर हमारा मार्स ऑर्बिटर मिशन अंतरिक्ष में भारतीय कौशल का नया सुबूत बन गया है।

27-09-2021 04:45:00

उपलब्धि: छह महीने काम आने के लिए बने मंगल ऑर्बिटर ने पूरे किए सात साल, भारतीय तकनीकी कौशल का मनवाया लोहा Mission Life Space Space Mission Mars isro Mars Orbiter

मंगल ग्रह की लगातार सात वर्ष परिक्रमा कर हमारा मार्स ऑर्बिटर मिशन अंतरिक्ष में भारतीय कौशल का नया सुबूत बन गया है।

हालांकि, इसरो के अनुसार मिशन ने मंगल ग्रह के तीन वर्ष पूरे किए हैं, क्योंकि वहां का एक वर्ष हमारे करीब दो वर्ष जितना है। साथ ही हमने मंगल पर मौसमों के असर को समझा है। मिशन लांच के समय इसरो के चेयरमैन रहे के राधाकृष्णन ने इसे ‘संतोषजनक उपलब्धि’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पहले मंगल मिशन ने सभी उद्देश्य पाए और भारतीय तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। इसके जरिए इसरो ने अंतरिक्ष मिशन के डिजाइन, सिस्टम व सब सिस्टम का उपयोग, अंतरग्रहीय प्रक्षेपण, किसी अन्य ग्रह के परिक्रमा कक्षा पथ में प्रवेश, अंतरिक्ष यान व वैज्ञानिक उपकरणों का मंगल ग्रह के इर्द-गिर्द उपयोग सीखा। इसने भारत को अंतरिक्ष में प्रमुख महाशक्तियों में से एक बना दिया है।

हिंदू मंदिरों पर हमले के बाद बांग्लादेश में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन - BBC News हिंदी मांडविया पर भड़कीं मनमोहन सिंह की बेटी: अस्‍पताल के बेड पर लेटे पिता की तस्‍वीर पब्लिक होने पर बोलीं- मेरे पेरेंट्स चिड़ियाघर के जानवर नहीं निहंगों को हटाने की मांग: किसान नेता बोले- हमारा आंदोलन कोई धार्मिक मोर्चा नहीं, निहंगों को यहां से चले जाना चाहिए

अभी कैसी है मिशन की सेहतएमओएम के कार्यक्रम निदेशक एम अन्नादुरई ने बताया कि सात वर्ष लगातार काम करने के बाद भी ऑर्बिटर की सेहत काफी अच्छी है। इसके कुछ हिस्सों में दिक्कत हुई थीं। इसलिए कुछ ऐसे कार्यों को रोक दिया गया है, जिनका अब उपयोग नहीं था।अभी कितने समय और काम करेगा?

अन्नादुरई का अनुमान है कि अब भी यह मिशन एक साल और काम कर सकता है। हालांकि यह भी एक आकलन ही है, वास्तविक स्थिति अलग हो सकती है।इतने समय क्यों काम किया?एमओएम की ओर से सात साल यानी निर्धारित से 14 गुना अधिक काम करने की सबसे बड़ी वजह चंद्रयान-1 मिशन से मिले अनुभवों के आधार पर किए गए सुधार हैं। एमओएम में ईंधन के अधिकतम उपयोग का ख्याल रखा गया है। अंतरिक्ष यान को बेहतर कॉन्फगरेशन से बनाया गया। headtopics.com

मिशन की लंबी अवधि बड़ी सफलतापृथ्वी की कक्षा में जाने वाले उपग्रहों का जीवन सात से नौ वर्ष का होता है। अन्नादुरई के अनुसार, हमारे मंगल मिशन की इतनी लंबी अवधि बड़ी उपलब्धि है। हमने विश्व को बताया कि मंगल ग्रह के मिशन भी इतने लंबे चल सकते हैं। यह एक तकनीकी प्रदर्शन का मिशन है, ऐसे में कुछ लोगों की यह आलोचना अनुचित है कि इससे कम जानकारियां हासिल हुई।

48 मिशन, जिसमें 23 विफलमंगल ग्रह पर अब तक कुल 48 मिशन भेजे गए हैं, जिनमें 23 विफल और चार आंशिक सफल रहे हैं। अब तक केवल सात देश मंगल पर मिशन भेज सके हैं, जानिए उनका प्रदर्शन...अमेरिका :23 मिशन भेजे, जिनमें से 6 विफल।रूस :18 मिशन भेजे, 15 विफल दो आंशिक सफल। 1-1 मिशन चीन व यूरोप के साथ भेजे।

चीन :एक मिशन खुद भेजा जो सफल रहा, एक रूस के साथ भेजा था जो आंशिक सफल रहा।भारत व यूएई :1-1 मिशन भेजे दोनों सफल रहे।जापान :एक मिशन भेजा, यह विफल हुआ।विस्तार 5 नवंबर 2013 को इसरो द्वारा लॉन्च करने के बाद इसने 24 सितंबर 2014 से मंगल की परिक्रमा शुरू की थी। तब माना गया कि 450 करोड़ रुपये का यह मिशन छह महीने काम करेगा। सभी को चौंकाते हुए शनिवार को इसने काम पर अपने सात वर्ष पूरे कर लिए हैं।

विज्ञापनहालांकि, इसरो के अनुसार मिशन ने मंगल ग्रह के तीन वर्ष पूरे किए हैं, क्योंकि वहां का एक वर्ष हमारे करीब दो वर्ष जितना है। साथ ही हमने मंगल पर मौसमों के असर को समझा है। मिशन लांच के समय इसरो के चेयरमैन रहे के राधाकृष्णन ने इसे ‘संतोषजनक उपलब्धि’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पहले मंगल मिशन ने सभी उद्देश्य पाए और भारतीय तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। इसके जरिए इसरो ने अंतरिक्ष मिशन के डिजाइन, सिस्टम व सब सिस्टम का उपयोग, अंतरग्रहीय प्रक्षेपण, किसी अन्य ग्रह के परिक्रमा कक्षा पथ में प्रवेश, अंतरिक्ष यान व वैज्ञानिक उपकरणों का मंगल ग्रह के इर्द-गिर्द उपयोग सीखा। इसने भारत को अंतरिक्ष में प्रमुख महाशक्तियों में से एक बना दिया है। headtopics.com

इन आसान तरीक़ों से खाना बर्बाद होने से बचाएं - BBC News हिंदी उद्धव का भाजपा पर बड़ा हमला: दशहरा रैली में बोले- ठुकराए प्रेमी की तरह व्यवहार कर रही है भाजपा, इनके लिए सत्ता की भूख नशे की लत जैसी है IPL 2021: डु प्लेसिस को भूल CSA ने सिर्फ एक खिलाड़ी को दी बधाई, भड़क गए डेल स्टेन

अभी कैसी है मिशन की सेहतएमओएम के कार्यक्रम निदेशक एम अन्नादुरई ने बताया कि सात वर्ष लगातार काम करने के बाद भी ऑर्बिटर की सेहत काफी अच्छी है। इसके कुछ हिस्सों में दिक्कत हुई थीं। इसलिए कुछ ऐसे कार्यों को रोक दिया गया है, जिनका अब उपयोग नहीं था।अभी कितने समय और काम करेगा?

अन्नादुरई का अनुमान है कि अब भी यह मिशन एक साल और काम कर सकता है। हालांकि यह भी एक आकलन ही है, वास्तविक स्थिति अलग हो सकती है।इतने समय क्यों काम किया?एमओएम की ओर से सात साल यानी निर्धारित से 14 गुना अधिक काम करने की सबसे बड़ी वजह चंद्रयान-1 मिशन से मिले अनुभवों के आधार पर किए गए सुधार हैं। एमओएम में ईंधन के अधिकतम उपयोग का ख्याल रखा गया है। अंतरिक्ष यान को बेहतर कॉन्फगरेशन से बनाया गया।

मिशन की लंबी अवधि बड़ी सफलतापृथ्वी की कक्षा में जाने वाले उपग्रहों का जीवन सात से नौ वर्ष का होता है। अन्नादुरई के अनुसार, हमारे मंगल मिशन की इतनी लंबी अवधि बड़ी उपलब्धि है। हमने विश्व को बताया कि मंगल ग्रह के मिशन भी इतने लंबे चल सकते हैं। यह एक तकनीकी प्रदर्शन का मिशन है, ऐसे में कुछ लोगों की यह आलोचना अनुचित है कि इससे कम जानकारियां हासिल हुई।

48 मिशन, जिसमें 23 विफलमंगल ग्रह पर अब तक कुल 48 मिशन भेजे गए हैं, जिनमें 23 विफल और चार आंशिक सफल रहे हैं। अब तक केवल सात देश मंगल पर मिशन भेज सके हैं, जानिए उनका प्रदर्शन...अमेरिका :23 मिशन भेजे, जिनमें से 6 विफल।रूस :18 मिशन भेजे, 15 विफल दो आंशिक सफल। 1-1 मिशन चीन व यूरोप के साथ भेजे। headtopics.com

चीन :एक मिशन खुद भेजा जो सफल रहा, एक रूस के साथ भेजा था जो आंशिक सफल रहा।भारत व यूएई :1-1 मिशन भेजे दोनों सफल रहे।जापान :एक मिशन भेजा, यह विफल हुआ।आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

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बीकानेरी भुजिया जो बन गया ग्लोबल ब्रांड: लोकल कारीगरों ने 150 साल पहले किया था प्रयोग, आज 4 हजार करोड़ से ज्यादा है सालाना बिजनेस

पश्चिमी राजस्थान में बसा बीकानेर वैसे तो अपनी परंपराओं के लिए जाना जाता है, लेकिन इस शहर को एक बड़ी पहचान दी है 'बीकानेरी भुजिया' ने। चाय के साथ नमकीन की बात होती है तो सबसे पहले नाम आता है बीकानेरी भुजिया का। तीखे और चटपटे स्वाद के कारण आज बीकानेरी भुजिया लोगों की थाली का हिस्सा बन गई है। | Local artisans had experimented 150 years ago, such a taste got on the tongue of the people, today there is more than 4 thousand crores annual business

भारत का मंगलयान: छह महीने के अंतरिक्ष मिशन ने पूरे किए सात साल - BBC Hindiभारत के मंगलयान मिशन ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मंगल ग्रह की परिक्रमा के सात साल पूरे कर लिए हैं. Fgggggv view from guv byvfcffff 🇮🇳 जय_हिन्द_जय_भारत जय हिन्द!Initiative and Innovation NATION🇮🇳

डॉटर्स डे पर बेटियों ने दिया जीत का तोहफा: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ रोका, 26 मैचों की जीत के सिलसिले को तोड़ाडॉटर्स डे के मौके पर देश की बेटियों ने क्रिकेट प्रेमियों को गर्व का मौका मुहैया कराया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के विजय रथ को रोकने का काम किया है। लगातार 26 मैच जीतकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी ऑस्ट्रेलिया को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने उसी के घर में दो विकेट से मात दी है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने करीब चार साल बाद हार का स्वाद चखा है। | डॉटर्स डे के मौके पर देश की बेटियों ने क्रिकेट प्रेमियों को गर्व का मौका मुहैया कराया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के विजय रथ को रोकने का काम किया है। Congratulations Congratulations

गलवान झड़प पर चीनी प्रोपेगैंडा: चीन ने भारत को लड़ाई के लिए जिम्मेदार ठहराया, तिब्बत कब्जाने वाला देश बोला- भारत ने हमारी जमीन हड़पीगलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ बर्बरता करने वाला चीन अब भारत पर ही इस झड़प का आरोप लगा रहा है। एक पूरे देश तिब्बत को कब्जा चुके चीन ने जून 2020 में हुई गलवान झड़प के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने शुक्रवार को कहा कि चीन और भारत के बीच शांति बनाए रखने के लिए कई संधियां की गई हैं। | China India Ladakh Galwan Valley Clash, गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ बर्बरता करने वाला चीन अब भारत पर ही इस झड़प का आरोप लगा रहा है। एक पूरे देश तिब्बत को कब्जा चुके चीन ने जून 2020 में हुई गलवान झड़प के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया। Jaise india pakistan ne kashmir par qabza kiya देख रहे हो भक्तो नेहरू जी ने क्या किया था। पूरी दुनिया जानती है इस जूठे देश को।।

Cyclone Gulab Live Updates: चक्रवात गुलाब से पहले पीएम ने आंध्रप्रदेश-ओडिशा के सीएम से की बात, हर संभव मदद का आश्वासनबंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवाती तूफान 'गुलाब' (Cyclone Gulab) के आज आंध्र प्रदेश और उससे लगे ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों से टकराने की संभावना है। ओडिशा में तूफान की चेतावनी के बीच राज्य सरकार ने सात जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ODRAF) के 42 दलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 24 दलों के साथ दमकल कर्मियों को सात जिलों गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट, मल्कानगिरी, नबरंगपुर, कंधमाल भेजा। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवा चलने का अनुमान है। इस दौरान आंध्र और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश का भी अनुमान है। पल-पल के अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ...

Cyclone Gulab Live Updates: आज आंध्र और ओडिशा से टकराएगा चक्रवाती तूफान 'गुलाब', इन 7 जिलों में हाई अलर्टबंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवाती तूफान 'गुलाब' (Cyclone Gulab) के आज आंध्र प्रदेश और उससे लगे ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों से टकराने की संभावना है। ओडिशा में तूफान की चेतावनी के बीच राज्य सरकार ने सात जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ODRAF) के 42 दलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 24 दलों के साथ दमकल कर्मियों को सात जिलों गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट, मल्कानगिरी, नबरंगपुर, कंधमाल भेजा। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवा चलने का अनुमान है। इस दौरान आंध्र और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश का भी अनुमान है। पल-पल के अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ...

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