उत्तर प्रदेश की 'ग़रीबी' की चर्चा चुनाव में क्यों नहीं हो रही? - BBC News हिंदी

उत्तर प्रदेश की 'ग़रीबी' की चर्चा चुनाव में क्यों नहीं हो रही?

02-12-2021 04:51:00

उत्तर प्रदेश की 'ग़रीबी' की चर्चा चुनाव में क्यों नहीं हो रही?

नीति आयोग की रिपोर्ट कहती है कि उत्तर प्रदेश भारत का तीसरा सबसे ग़रीब राज्य है. वहाँ 38 फ़ीसदी आबादी ग़रीब है. फिर भी 'ग़रीबी सूचकांक' की चर्चा चुनाव में नहीं हो रही.

एपिसोड्ससमाप्तसमाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव हों या फिर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी - दोनों नेताओं ने ट्वीट करते समय एक बात पर शायद ध्यान नहीं दिया. इस रिपोर्ट का नाम है.नेशनल मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स(MPI). ये रिपोर्ट नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की 2015-16 की रिपोर्ट पर आधारित है.

यानी ये रिपोर्ट उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल के बारे में नहीं बल्कि अखिलेश सरकार के कार्यकाल की गवाही दे रही हैं. रिपोर्ट में पाया गया है कि उत्तर प्रदेश में 37.78 फ़ीसदी आबादी ग़रीब है.उत्तर प्रदेश के 71 ज़िलों में 64 ज़िले ऐसे हैं जहाँ का 'मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स' राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ खाना बनाने के लिए ईंधन की बात हो या फिर सैनिटेशन की सुविधा या फिर रहने के लिए घर - तीनों इंडिकेटर्स पर उत्तर प्रदेश की स्थिति दूसरे राज्यों के मुकाबले ज़्यादा ख़राब है. उत्तर प्रदेश की 60 फ़ीसदी से ज़्यादा आबादी को ये तीनों बेसिक बेसिक सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं. headtopics.com

ये रिपोर्ट तीन मानदंडों पर आधारित है - स्वास्थ्य, शिक्षा और स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग यानी जीवन स्तर. इन तीनों क्षेत्रों में 12 इंडिकेटर्स को शामिल किया गया है. जैसे स्वास्थ्य में न्यूट्रिशन को, शिक्षा में स्कूल की अटेंडेंस को. उसी तरह से जीवन स्तर के बारे में बात करते हुए खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन और पानी जैसी सुविधा को देखा-परखा गया है.

ये भी पढ़ें :उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावः इन सीटों पर हो सकता है कड़ा मुक़ाबलाग़रीबी का आधार पैसा या जीवन स्तरअकसर लोग समझते हैं कि ग़रीब होने का मतलब है लोगों के पास पैसा नहीं है. लेकिन नीति आयोग की 'ग़रीबी सूचकांक' पर ताज़ा रिपोर्ट प्रति व्यक्ति आय या फिर ग़रीबी रेखा से कितने लोग ऊपर हैं या कितने नीचे - इस आधार पर नहीं है.

भारत सरकार के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणब सेन कहते हैं, "ग़रीबी का सही आकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि अच्छा जीवन जीने के लिए आपके पास सारी सुविधाएँ है या नहीं. कुछ चीज़े ऐसी होती हैं जो आप पैसे से ख़रीद सकते हैं. कुछ चीज़ें है जो पैसे से नहीं ख़रीद सकते हैं.

मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स में उन चीज़ों के बारे में बताया गया है जो पैसा होने के बाद भी आप ख़ुद बेहतर नहीं कर सकते. जैसे पीने का साफ़ पानी. सरकार जब तक आपके इलाके में इसकी सुविधा मुहैया ना करा पाए, आपके लिए आसान सुविधापूर्ण जीवन जीना मुश्किल हो सकता है. headtopics.com

जैसे इलाके में स्कूल नहीं है तो आप कहाँ पढ़ने जाओगे, आपके इलाके में अस्पताल ना हो तो दिक़्क़त आएगी."लेकिन ग़रीबी का पता लगाने के लिए ऐसे सूचकांक की ज़रूरत क्यों पड़ी?इस सवाल के जवाब में प्रणब सेन कहते हैं, " सरकारें चाहें तो इन आंकड़ों के आधार पर नीति बनाए, किन क्षेत्रों में और पैसा और सुविधा देने की ज़रूरत है. इस सूचकांक का मकसद यही है."

ये भी पढ़ें :उत्तर प्रदेश में कब होने वाले हैं चुनावइमेज कैप्शन,बेरोज़गारी के आँकड़े में उत्तर प्रदेश की स्थिति बाक़ी कई राज्यों से बेहतर हैअब 'ग़रीबी हटाओ' चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनताजनसंख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है और ग़रीबी सूचकांक में तीसरे नंबर पर है.

रिपोर्ट ये भी कहती है कि ग़रीबी के मामले कमोबेश हर ज़िले का एक जैसा ही हाल है.उत्तर प्रदेश की राजनीति को दशकों से कवर कर रहे पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं, " आज जनता के बीच 'इंस्टेंट नूडल्स' हिट है. चुनाव के ठीक पहले 'फ्री बी' यानी मुफ़्त उपहार की घोषणा कर चुनाव जीतने का जमाना है. इसलिए जनता को लोन माफ़ी, मुफ़्त लैपटॉप, मुफ़्त राशन, मुफ़्त बिजली, पेंशन जैसी योजनाएँ भाने लगी है. इसकी शुरुआत दक्षिण भारत से हुई थी. बाद में उत्तर भारत में इसका चलन बढ़ गया है."

"बहुत सालों बाद मैं देख रहा हूँ इस बार के चुनाव में महँगाई एक मुद्दा है. फिर वो गैस, तेल के बढ़े हुए दाम ही क्यों ना हो. लोग बेरोज़गारी से भी दुखी हैं. यूपीटीईटी के पेपर लीक होने के बाद यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने एक ही महीने में दोबारा पेपर कराने की घोषणा उसी दिन कर दी. इन दिक़्क़तों के मूल में है तो ग़रीबी ही, लेकिन उसे ना तो जनता मुद्दा बना रही है ना कि विपक्षी दल" headtopics.com

मंगलवार को बीजेपी सासंद वरुण गांधी ने मंगलवार को अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में एक लेख लिखा है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है. ये लेख भारत बेरोज़गारी, बढ़ती महँगाई और कर्ज़ में डूबी जनता के लिए केंद्र सरकार के नीतिगत फैसलों को ज़िम्मेदार ठहराती है.

वरुण ख़ुद उत्तर प्रदेश से सासंद हैं.ये भी पढ़ें :इमेज स्रोत,Getty Imagesसिद्धार्थ कलहंस कहते हैं, "उत्तर प्रदेश के ग़रीबी के आँकड़े तो कोरोना काल के पहले के हैं. 2015-16 में कोई महामारी नहीं थी. अगर उस वक़्त ये हाल था तो 2020 आते आते स्थिति और बदतर ही हुई है. ऐसा मेरा आकलन है. कुछ हद तक ये अब मानसिकता की भी बात हो गई है. लोग ग़रीबी को अपने भाग्य से जोड़ कर देख रहे हैं."

इसी बात को प्रणब सेन दूसरे अंदाज़ में कहते हैं. बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "लोगों को लगता है कि ग़रीबी के लिए वो ख़ुद ज़िम्मेदार है इसलिए इसे दुरुस्त करना लोगों का काम है. इस वजह से सरकार से सब ठीक करने की माँग नहीं करते."डॉ. अजय प्रकाश लखनऊ विश्वविद्यालय में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के प्रोफ़ेसर है. चुनाव में फ्री बी की घोषणा और उसके प्रभाव पर उनका काम भी है.

बीबीसी से बातचीत में वो कहते हैं, "उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्ता में अदल बदल कर हर बार राजनीतिक दल घूम फिर कर आते-जाते रहते हैं. कभी कांग्रेस तो कभी बीएसपी, कभी समाजवादी पार्टी तो कभी बीजेपी. कोई राजनीतिक दल अगर 'ग़रीबी' को मुद्दा बनाती है, तो जीतने पर उस दिशा में उन्हें उतना काम भी करना पड़ेगा. 38 फ़ीसदी आबादी का ग़रीब होना बहुत बड़ा आँकड़ा है. इसे ठीक करने के लिए मेहनत भी लगेगी. लेकिन सभी राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाएं भी कम नहीं है. कोई इससे साथ बहुत दिन तक जुड़ के काम नहीं कर सकता.

ये भी पढ़ें :इमेज स्रोत,NARINDER NANU/AFP VIA GETTY IMAGEयही वजह है कि ग़रीबी को दूसरे तरीके से ये पार्टियां अप्रोच करती है. कोई महिलाओं को 1000 रुपये महीना देने की बात करता है, तो कोई ग़रीब कल्याण योजना में मुफ़्त राशन.दूसरी बात ये है कि इंदिरा गांधी से ज़माने से अब तक ग़रीबी मापने का पैमाना भी बदला है और परिभाषा भी बदली है.

पहले लोगों की बुनियादी ज़रूरत रोटी, कपड़ा और मकान होती थी. आज कपड़ा मिल जा रहा है, रोटी की व्यवस्था कई सरकारी योजनाओं से पूरा हो जा रही है.आज केंद्र सरकार 8 लाख रुपये की सालाना आय वालों को भी आर्थिक रूप से पिछड़ा मान रही है. ईडब्लूएस नाम की नई कैटेगरी बना दी गई है.

इसलिए राजनीतिक दल अगर ये कहे कि हम आपको कपड़ा दे देंगे, तो जनता की वो ज़रूरत रह ही नहीं गई है. अब जनता को भी कैश ही हाथ में अच्छा लगता है. ये बड़ी वजह है कि गरीबी सूचकांक चुनावी मुद्दा नहीं बन रहा."

और पढो: BBC News Hindi »

अपनी मां की वजह से साधना गुप्ता के करीब आये थे Mulayam Singh, जानें कैसे शुरू हुई ये कहानी

मुलायम सिंह यादव अपनी बीमार मां का इलाज करा रहे थे. एक नर्स मुलायम सिंह की मां मूर्ति देवी को गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी. वहां मौजूद एक महिला ने गलत इंजेक्शन लगाने से रोक दिया. बताते हैं कि तभी से एक नई शुरुआत मुलायम सिंह की जिंदगी में हुई. वो शुरुआत थी साधना गुप्ता से रिश्ते की, जिसे साल 2003 में जाकर मुलायम सिंह ने नाम दिया. साधना गुप्ता को अपनी पत्नी का दर्जा दिया. बात 1980 के दशक की है. यूपी के औरैया जिले के बिधूना के रहने वाले कमलापति की 23 साल की बेटी साधना नर्सिंग की ट्रेनिंग कर रही थी. लेकिन वो राजनीति में कुछ करना चाहती थी. यही ललक इस लड़की को राजनीतिक कार्यक्रमों में लेकर चली गई और वहीं पर बताया जाता है मुलायम सिंह यादव ने पहली बार साधना गुप्ता को देखा. देखें लखनऊ की लड़ाई.

Kyouki up me garib h hi nhi वैसे बीबीसी वालो चुनाव में केवल यूपी में ही है ,दूसरा बड़ा राज्य पंजाब भी है उसकी हालत तो बता दो , या योगी और बीजेपी विरोध का बीड़ा उठा लिया है अब गरीबी की बात करेगा कौन क्योकि मुख्य विपक्षी सपा और बसपा कांग्रेस ने भी तो राज किया है यूपी में लेकिन अब भी गरीबी का रोना रोयेंगे तो उनको भी घसीटा जाएगा ,वैसे इन 5 साल यूपी के लिए बढ़िया रहे है और योगी बाबा फिर वापसी करेंगे

क्यों कि भाजपा के नेत्रों से भारत के जनता सब अमीर बन चुके हैं। नेताओं को पता है वोट सामप्रदायिक तनाव फैलने से मिलती है तनाव से मिले वोट से ही सरकार बनी सिर्फ वहीं सरकार नहीं बनी जहाँ तनाव फैलाने में असफल रहा नागरिकों को धीरे-धीरे यह राज पता चल गयी क्योंकि चोर चोर मौसेरे भाई जिस जिस पार्टी को लगता है कि अयोध्या मंदिर का श्रेय भाजपा ऐसे ही ले रही है, वह अभी मथुरा के लिए आगे बढ़कर श्रेय ले सकते हैं। बाद में मत बोलना श्रेय भाजपा ले गई।

yadavakhilesh sir you should rise this point in upcoming election. BBC वालों को गरीबी और बेरोजगारी सिर्फ उत्तर प्रदेश में दिख रही है।। बाकी कांग्रेस और वामपंथी शासित प्रदेशों मे तो सब करोड़पति और कलक्टर बने बैठे है।। इतना दोगलापन लाते कहा से हो? Kyoki u p me ab koi poor ha hi nhi क्यों के एक हमाम में सब ........

अमित शाह से मिले केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, उत्तर प्रदेश चुनाव में मांगीं 10 सीटेंरिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए आठ से दस सीटें मांगी हैं। संघ दास ८वले !

श्री शिव मिश्र उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव २०२२ हेतु सत्य शिखर पार्टी के मुख्यमंत्री प्रत्याशी हैं देशभक्त मतदाता देश-प्रदेश हितार्थ निम्नानुसार सत्य संकल्पों की पूर्ति हेतु अपना निर्भय सहयोग सुनिश्चित करें क्योंकि इस दौर में 'जयचंद' खुद को देशभक्त घोषित कर सत्ता पर काबिज हैं। Why BBC is interested? They should address issues of poverty of their Cuntry! Homeless people sleeping out in streets in cold....! Snobbish, selfish, dropouts Brits!

क्योंकि गरीबी नही गरीबों को मिटाना है गरीबी के बारे में बात करना हर राजनीतिक दल के लिए एक बूमरैंग होगा। क्योंकि 11000 करोड जमा करने के लिए कोर्ट ने कहा है। पहले जमा होगा, तभी तो गरीब होने का अहसास होगा। अबकी बार मुलायम और मायावती द्वारा लूटे गए पैसे गरीबों में लुटाने के लिए पुनः आएंगे योगी जी। उत्तर प्रदेश को गरीब मुक्त करने का श्रेय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को है, जाहिल जेहादी को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

मंदिर मस्जिद पर होती है चर्चा क्योंकि बीजेपी के लिए यही बेहतर ऑप्शन है चुनाव जीतने का क्योकी वो कोंग्रस और सपा की जातिवादी राजनितीकी देन है।

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले-मथुरा की तैयारी, छिड़ी बहस - BBC News हिंदीअयोध्या में बोले, सीएम योगी आदित्यनाथ- उपासना विधि बदलने से पूर्वज नहीं बदल जाते. पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा-नया मंत्र नहीं आएगा काम. ये केसे धर्म के लोग हैं कुत्ते बस इंसानों को मरवाने पर तुले हैं मंदिर ही लोगो की भूख खत्म करेगा ऐसा बोलने वाले और सोचने वाले बहुत बड़े बेवकूफ। Sir ab nyay 💯 sahi ho Raha hai sir 💯👍

Tum karo bhai ..tum log aakhir kis baat ke liye ho🙄 90रू टमाटर 200रु सरसों तेल बीना विरोध के बीना परेशानी के खाने वाला देश गरिब नहि होसकता ना वहा कि जनता गरिब हैं गरीबों को मालामाल जो कर दिया है Garibi koi mudda h Kya ?🤗 क्योंकि 5 वर्ष तक बाबा ने केवल गाजा पिया। अब चुनाव का मुद्दे बदल चुके है पिछले दशक में गरीबी, शिक्षा, स्वास्थ, आधारभूत ढाँचा जैसे मुद्दे पर चुनाव होता था, अब काशी, अयोध्या, मथुरा मुस्लिम यूनिवर्सिटी..पहले वोटर्स खरीदे जाते थे अब मीडिया खरीद ली जाती है।

Hindu muslim kaafi nahi he kya वहाँ कहाँ गरीबी है उत्तर प्रदेश के लोगो को जागरूक होना चाहिए ये नेता तुम्हें मंदिर और पांच किलो गेहूं चावल से ज्यादा कुछ नहीं दे सकते महंगाई बेरोजगारी गरीबी भुखमरी इन सब मुद्दों से बीजेपी सरकार बच रही है क्योंकि उसे पता है कि विकास कार्यों में उनका योगदान शून्य के बराबर है

शाह रुख खान की राजनीतिक बलि दी गई, मुंबई में बोलीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जीबंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि शाह रुख खान की राजनीतिक बलि दी गई है। बता दें कि दो अक्टूबर को शाह रुखके पुत्र आर्यन खान को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की एक कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। Ha sahi kaha mamata ji ne vah jis raste se jaa rahi hai, To aisa lagna swabhavik hai. अब ये भी बोल दो की बांग्लादेश को भी इंडिया में मिलाया जा सकता था लेकिन वहां मुस्लिम थे उस लिए उनको अलग देश बनाया गया 😔😔 छापा मारा था लोगों को तो नहीं ।

होगी कैसे सब थोड़ी hai❤💪 👍 क्योंकि जो सत्ता में बैठे है 5 साल सरकार में रहे वो विकास पर नही मंदिर मस्जिद, हिन्दू मुसलमान, जिन्ना का नाम लेकर वोट माँग रहे है, इनका विकास शिक्षा चिकित्सा से कोई लेना देना नही है ना ही ग़रीबी और नौकरी रोजगार से कोई मतलब है इन्हें समाज मे नफरत फैलाकर अपनी रोटी सेकनी है। योगी सरकार खुद गरीबी और बेरोजगारी पर चर्चा नहीं चाहती....

जो चीज है ही नहीं उसकी क्या चर्चा 🙄 What About Mumbai Goa NH66 Highway? When it will get completed? Jab koi hoga tab bat hoga. वो बीबीसी करें उत्तर प्रदेश के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी गरीबों के लिए बनाई गई योजनाओं के बारे में कभी चर्चा नहीं करते क्योंकि योजनाएं बनाई नहीं गई ना समाजवादी पार्टी इसकी चर्चा करती है सत्ता कैसे प्राप्त हो चर्चा इस बात की होती कितना हास्यास्पद और दुखद है चुनाव हो रहे हैं जनता के मुद्दे नही

Kioki sob channel BJP ki dalla ho gaya hai. Shame on godi media.

Bigg Boss 15: ज्योतिष ने की करण कुंद्रा की शादी की भविष्यवाणी, रश्मि देसाई ने कहा- तेजस्वी नहीं मानेगीBigg Boss 15: ज्योतिष ने की करण कुंद्रा की शादी की भविष्यवाणी, रश्मि देसाई ने कहा- तेजस्वी नहीं मानेगी TheRashamiDesai kkundrra TejasswiPrakash BiggBoss15

uP गरीब है up वाले नहीं(नेता) क्यूँकि BBC ने Communal मुद्दा दे दिया है । समाज के लिए नशा है धर्म और नेताओं के लिए मुनाफ़े का धंधा है myogiadityanath जी हर रोज़ सिर्फ़ इसी विषय पर बात कर रहे है UPElections2022 यूपी कि जनता को गरीबी बेरोजगारी से कोइ लेना देना नही है। जो जितना अंधभक्त बनाएगा वो जीत कर जायेगा।

अवश्य होनी चाहिए, पिछले ४ दशकों की, गरीबी और गुंडा राज की। Hindu Muslim or Ram naam Haina…election mai vote lene ke liye..lekin ab log ab fool nahi banege Jab loog Hindu Muslim Pakistan etc ke Naam pr vote de dete hai toh , Gareeb etc ke baat koi nhi krega . Berojgari , Mehangai Betiyon pr Attyachar , Gareebi , Corona ke time sadak pr paidal chalta choodhna , Corona etc pr baat hone chahiye . Janta Jagruk bne .

सब अमीर हो गए हैं उत्तर प्रदेश में। इनके घर में भी आपको 2 फॉर्च्यूनर और एक मर्सिडीज बेंज मिलेगी। अखिलेश यादव जी ओर मायावती जी दोनों ही ब्राह्मण समाज मुसलमान समाज की बात कर रहे है एक बार भी गरीबी महंगाई की बात नहीं करते Gareebi kaha hai

शीतकालीन सत्र: आईटी पैनल ने की प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मंच के लिए मीडिया काउंसिल की स्थापना की सिफारिशशीतकालीन सत्र: आईटी पैनल ने की प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मंच के लिए मीडिया काउंसिल की स्थापना की सिफारिश ParliamentWinterSession2021 ITPanel PrintMedia DigitalMedia MediaCouncil Thanks 😊 for contacting. (Mr.Mohd Bilal) I am a hairstylist. What can I do to help you according to your hair? 💬insta. mohd_bilal_the_hair_experts0786 💬FB. Mohd Bilal Qureshi 📞,7037575638

केशव प्रसाद मौर्या से पूछे यही तो अफ़सोस है गरीबी बेरोजगारी और महंगाई पर अगर चर्चा हो गई तो बीजेपी की पूर्ण रूप से सफाया, विपक्ष को यह सब सारे मुद्दे उठानी चाहिए।।। सवाल ये भी तो हो सकता था कि उत्तर प्रदेश की बढ़ी हुई प्रति व्यक्ति आय व निवेश की चर्चा क्योँ नही हो रही है।आज दूसरे नंबर पे आ गया है देश में अब 1 नंबर पर जल्दी होगा

वहाँ सब आमिर हे... जुट नहिं बोला करते...!!! गरीबी रही ही नहीं अब भारत में कहीं। टाटा, बाटा, डाटा महँगा अब लगता नहीं।। गरीबी की चर्चा पिछले ७० साल से हो रही है, पर कोई फायदा नही हुआ। इस बार विकास और गवरनंस की हो रही है और योगिजी का पलड़ा भारी है क्यों की हमाम में सब नंगे है। Berojgari ka bhi kahi jikrr nhi ho rha

मनुवादी मीडिया की वजह से ।

रिटायरमेंट के दिन जूते की माला भेंट!: रीवा में यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार से कर्मचारी यूनियन ने की हरकत; थैंक्यू कहकर दिया जवाबरीवा में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार लाल साहब सिंह से रिटायरमेंट के दिन विदाई समारोह में बदसलूकी का मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी के कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने डिप्टी रजिस्ट्रार को जूते की माला भेंटकर मुर्दाबाद के नारे लगाए। जवाब में अफसर ने कहा-धन्यवाद, थैंक्यू। | Viral Video: Employees unions misbehaved with Deputy Registrar at Rewa APS University Creativity level ki tho daat deni padhegi 👏🏽👏🏽 Koon si baat thi Bhai Mahanata namarata se hi hashil hoti hai.

Iliterate janta. Ilitrerate sarkar..to kha sy hogi. Berojgari. Garibi. Bhukjmari. Insaniyat.and insaf ki bat. Bilkul sahi baat hy 👌 Garib sirf vote deta hy . Lekin Garib ke naam par koi kaam nahi karte hy उत्तर प्रदेश में गरीबों का पैसा खाने वाले समाजवादी पार्टी के और बहुजन समाजवादी पार्टी की नेता आज गरीबों के हक में बयान बाजी कर रहे हैं गरीब उत्तर प्रदेश के सब समझ रहे हैं कि योगी जी द्वारा गरीब का एक-एक पैसा उनके कर दिया जाएगा

गरीबी पर‌ चर्चा बहुत हुआ।‌‌अब उसे हटाइए भी। आप जैसे नेता जिनके पास करोड़ों है( न जाने‌ कैसे,न‌ एक‌ दिन‌की‌ नौकरी न‌ ही कोई कारोबार) अपना पैसा गरीबों को छोटा बिझिनेस खोलने में लगा‌ दें, हो‌ जाएगा गरीबीका‌ निवारण, बातोंसे‌नहीं। योगीजीके पास तो सिर्फ भगवान है,आपके पास सोना-चांदी। नेताओं का काम गरीब ने आसान कर दिया है। उसने स्वयं को जाति,धर्म के जाल में जकड़ लिया है।

BJP/RSS TTO 1600 SATABDI KI BRAIN LE KAR GHUMTE RAHI HAI. INKO ILLAJ KI JARURAT HAI 2100 SATABDI KO ANEKE LIE. UP ELECTION MEIN KICK KHAENGE TTO AKAL THIKANA MEIN AJAEGA . मोदी 2022 तक 80 करोड़ लोगों को रोजगार देने वाले थे लेकिन 80 करोड़ को गरीब बना दिए क्योंकि आप जैसा न्यूज़ चैनल जिन्ना वाले को सपोर्ट करते हैं और नफरत पैदा करके देश में आग लगाना चाहते हैं - It's so simple.

Kyo hogi jab Dharm se kaam chal hi rha h to Please support YOUTHS 2 crore aspirants waiting for exame and results From 1000 days ? RailMinIndia AshwiniVaishnaw narendramodi JusticeForRailwayStudents JusticeForRailwayStudents

क्योंकि आप जैसा न्यूज़ चैनल जिन्ना वाले को सपोर्ट करते हैं और नफरत पैदा करके देश में आग लगाना चाहते हैं - It's so simple. हा भाई... चुनाव आने के पहले तो उत्तर प्रदेश मे हर तरफ राम राज्य था, पेड़ों से सोने के फल सब्जिया भी उगते थे और बारिश के मौसम मे सोने के सिक्को की बारिश होती थी.... BBC seems to be the channel inspired by communist leftist anti national troop..?

Poverty will not be discussed in UP elections because there is politics of religion JansamparkMP क्योंकि उत्तर प्रदेश में गरीब है ही नही ।😂😂😂 Discussion is on Streets of america Flyover of Bengal Dam of Andhra-Telangana photo of china airport 😇😇 इस बार गाड़ी गरीबी है ही नही सपा और बसपा की सरकारों में प्रदेश को लूटा था इस लिए गरीबी थी योगी जी के शासन काल मे सबका विकास हुआ

JusticeForRailwayStudents JusticeForRailwayStudents JusticeForRailwayStudents No jumalebaazi, बीके हुए मीडिया वालों तुम्हारी मरी हुई आत्मा को शांति PMOIndia ravishndtv AshwiniVaishnaw ndtvindia जब जनता ऐसे लोगो को वोट देती हो जो मंदिर मस्जिद मुसलमान और पाकिस्तान की बात करने वाले हो तो फिर कौन बात करेगा गरीबी की

Garibi hogi tab na Na poverty discuss karni hai na jobs na education na health kyunki in muddon par sab zero hai kon kisko kya bolega

भारत का Muslim सिर्फ Muslim तुष्टि करण वालीं पार्टी को वोट देता था हैं रहेगा। मुस्लिमों को मंहगाई नौकरी देश और समाज कल्याण से कोई लेना देना नहीं है सिर्फ अपना महजब दिखता है। हिन्दू का वोट तो फ्री बिजली पानी में बिक जाता हैं जब चुनाव हिंदू मुसलमान, जिन्ना पाकिस्तान, जैसे मुद्दों पर जीते जा सकते हैं फिर गरीबी जैसे गैरजरूरी मुद्दों पर बात क्यों की जाए। वैसे भी महाराज जी चुनावों तक चावल, दाल, तेल मुफ्त दे रहें हैं।

साधना चैनल 7:30pm Kyonki uttar pradesh ko garib samaajwaadi party aur BSP ne bana ke rkha JusticeForRailwayStudents क्यूँकि बाबा ने सबको जादू से अमीर कर दिया है कौन वोट देगा गजब आप लोग पागल हैं अगर आप गरीब हैं और अनाज खरीदने के लिए पैसे नहीं है,तो केंद्र और राज्य सरकार का फ्री राशन योजना का फायदा उठा सकते हैं।चुनाव के समय बिजली पानी का मुद्दा समाप्त हो चुका है क्योंकि हर जगह बिजली और पानी उपलब्ध हो रहा है।

Bcz discussion is going on, on these Streets of america Flyover of Bengal Dam of Andhra-Telangana photo of china airport named after noida airport This is what myogiadityanath did in his tenure 😇😇 बंदर के हाँथ मे मशाल होगी तो वो आग ही लगाएगा न।

JusticForRailwayStudents