इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान से कहा, पाकिस्तान को कोसना बंद करें - BBC News हिंदी

इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान से कहा, पाकिस्तान को कोसना बंद करें

22-06-2021 18:31:00

इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान से कहा, पाकिस्तान को कोसना बंद करें

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के हाल में दिए गए बयान काफ़ी चर्चा में हैं. अब उन्होंने एक अमेरिकी अख़बार में लेख लिखा है जिसकी चर्चा हो रही है.

इमेज कैप्शन,अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्लाह मोहिबहालांकि, इस बात को माना भी जाता है कि जब तक अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान प्रभावी रहा तब तक पाकिस्तान का दख़ल काफ़ी रहा लेकिन 9/11 के हमले के बाद स्थिति बदली और अफ़ग़ानिस्तान में चुनी हुई सरकार आई.

मोरक्को: जब एक बादशाह ने दी कट्टरपंथी इस्लाम को मात - BBC News हिंदी पाकिस्तान को इस्लामिक देशों से झटका, क़ुरैशी बोले- आपसे ही उम्मीद - BBC News हिंदी बाबा केदारनाथ के दर्शन को जाएंगे पीएम मोदी! 10 अक्टूबर से पहले हो सकती है यात्रा

चुनी हुई सरकार आने के बाद से पाकिस्तान की स्थिति अफ़ग़ानिस्तान में कमज़ोर हुई है. अमेरिका और तालिबान के बीच शांति वार्ता में अफ़ग़ानिस्तान की सरकार शामिल नहीं रही थी और जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान भी यही चाहता था.अफ़ग़ानिस्तान को लेकर अब इमरान ख़ान ने अमेरिकी अख़बार

'द वॉशिंगटन पोस्ट' में एक लेख लिखा है,जिसका शीर्षक है 'अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान शांति के लिए साझेदार बनने को तैयार है, लेकिन हम अमेरिकी बेस के मेज़बान नहीं होंगे.'इससे एक बात फिर साफ़ हो गई है कि पाकिस्तान अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से जाने के बाद वो अपनी ज़मीन को उसे इस्तेमाल नहीं करने देगा. headtopics.com

वो इसकी इजाज़त क्यों नहीं देगा इसका तर्क देते हुए इमरान ख़ान ने लिखा है, "अगर पाकिस्तान अमेरिकी बेस की मेज़बानी की अनुमति दे देता है जहां से अफ़ग़ानिस्तान पर बम गिराए जाएं तो फिर एक और अफ़ग़ान गृह युद्ध छिड़ेगा, पाकिस्तान से बदला लेने के लिए आतंकी उसे निशाना बनाएंगे. हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. हम पहले ही बहुत बड़ी क़ीमत इसकी दे चुके हैं. वहीं, अगर अमेरिका इतिहास की सबसे शक्तिशाली सैन्य मशीन के साथ अफ़ग़ानिस्तान के अंदर 20 साल बाद भी युद्ध नहीं जीत सकता तो फिर वो हमारे बेस से कैसे जीत जाएगा?"

अफ़ग़ानिस्तान से तनातनी भी झलकीइमेज स्रोत,Reutersपाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान लगातार अफ़ग़ानिस्तान में शांति की बात कर रहे हैं.लेकिन दूसरी ओर अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता में बैठे नागरिक सरकार के वरिष्ठ नेताओं के बयान अक्सर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ रहते हैं, जिससे साबित होता है कि वो पाकिस्तान को इन सबके बीच में नहीं आने देना चाहते हैं.

उनका आरोप रहा है कि पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल अभी भी चरमपंथी अफ़ग़ानिस्तान में हमले के लिए कर रहे हैं. वहीं, पाकिस्तान कहता आया है कि उसने चरमपंथ की भारी क़ीमत चुकाई है.दोनों देशों के बीच तनातनी की झलक इमरान ख़ान के लेख में भी देखने को मिली है.इमरान ख़ान ने लिखा, "अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका और पाकिस्तान के हित एक जैसे हैं. हम बातचीत के ज़रिए शांति चाहते हैं न कि गृह युद्ध. हम स्थिरता चाहते हैं और दोनों देशों में आतंकवाद को ख़त्म करना चाहते हैं. हमने उस समझौते का समर्थन किया है जो अफ़ग़ानिस्तान में दो दशकों में हुए विकास को संरक्षित रखेगा. हम आर्थिक विकास चाहते हैं और मध्य एशिया से कनेक्टिविटी चाहते हैं ताकि व्यापार बढ़े और हमारी अर्थव्यवस्था ऊपर उठे. अगर आगे गृह युद्ध हुआ तो हम सभी बह जाएंगे."

इसके अलावा इमरान ख़ान ने अपने लेख में पाकिस्तान को तालिबान और अमेरिका को बातचीत के लिए एक टेबल पर लाने का श्रेय दिया.उन्होंने लिखा है, "तालिबान को बातचीत की मेज़ पर लाने के लिए हमने वास्तविक कूटनीतिक कोशिशें की हैं. सबसे पहले अमेरिका के साथ और फिर अफ़ग़ान सरकार के साथ. हम जानते हैं कि अगर तालिबान सैन्य जीत घोषित करता है तो इसके कारण न समाप्त होने वाला रक्तपात शुरू होगा. हम आशा करते हैं कि अफ़ग़ान सरकार भी बातचीत में अधिक लचीलापन दिखाएगी और पाकिस्तान को दोष देना बंद करेगी. जैसा कि हम सबकुछ कर रहे हैं हम सैन्य कार्रवाई भी कम कर सकते हैं." headtopics.com

मोदी की प्लेन की फोटो वायरल: PM ने एयर इंडिया वन से फाइलें पढ़ते हुए फोटो ट्वीट की, लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्रियों की ऐसी ही फोटो शेयर कर कहा- यादें ताजा हो गईं दिल्ली कोर्ट में गैंगवार : टिल्लू गैंग ने वकीलों के वेश में कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को उड़ाया PM Modi के दौरे की US मीडिया में ज्यादा चर्चा क्यों नहीं, विदेश मंत्री जयशंकर के बेटे ने समझाया

भारत से डरे हुए हैं इमरान ख़ान?इमेज स्रोत,Reutersअफ़गानिस्तान में पाकिस्तान के अलावा रूस और चीन की भी ख़ासी रुचि है और इसका ज़िक्र इमरान ख़ान के लेख में भी मिलता है.लेकिन उधर भारत के अफ़ग़ानिस्तान से मज़बूत रिश्ते पाकिस्तान को परेशान करते रहे हैं.पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के अफ़ग़ान टीवी चैनल टोलो न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में भारत की अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदगी पर सवाल उठाए थे.

टोलो न्यूज़ ने क़ुरैशी से पूछा कि अफ़ग़ानिस्तान में भारत के कितने काउंसलेट हैं? इस पर क़ुरैशी ने कहा, ''आधिकारिक रूप से तो चार हैं लेकिन अनाधिकारिक रूप से कितने हैं, ये आप बाताएंगे. मुझे लगता है कि अफ़ग़ानिस्तान की सरहद भारत से नहीं मिलती है. ज़ाहिर है कि अफ़ग़ानिस्तान का भारत से एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में संबंध है.''

यह भी पढ़ें:इमेज स्रोत,Reuters''दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध हैं. ये आपका अधिकार है कि भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध रखें. दोनों देशों के बीच कारोबार भी है और इसमें हमें कोई दिक़्क़त नहीं है. लेकिन मुझे लगता है कि अफ़ग़ानिस्तान में भारत की मौजूदगी जितनी होनी चाहिए उससे ज़्यादा है क्योंकि दोनों देशों के बीच कोई सीमा भी नहीं लगती है.''

वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने दो सप्ताह पहले साफ़ किया था कि वो अफ़ग़ान शांति प्रक्रिया के साझेदारों के साथ संपर्क में हैं. भारत किस-किस साझेदार के संपर्क में है यह साफ़ नहीं है लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत की तालिबान के नेताओं से भी बातचीत हुई है. headtopics.com

ये सब बातें पाकिस्तान के लिए ख़ास मायने रखती हैं इसीलिए वो बेहद सावधानी से इस मामले में आगे बढ़ रहा है. इमरान ख़ान ने अपने लेख में कुछ ग़लतियों को भी स्वीकार किया है.उन्होंने लिखा है, "पहले पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान में विभिन्न पक्षों को चुनने में ग़लती कर चुका है और उससे उसने सीखा. हमारा कोई चहेता नहीं है और हम किस भी सरकार के साथ काम करना चाहेंगे जिसने अफ़ग़ानी लोगों के भरोसे को जीता हो. इतिहास से साबित हो चुका है कि अफ़ग़ानिस्तान को बाहर से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है."

इमरान ख़ान ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध से पाकिस्तान को काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ा है और उसके कारण 70,000 से अधिक पाकिस्तानी मारे गए हैं. और पढो: BBC News Hindi »

दिग्विजय का हिंदू-मुस्लिम आबादी पर बयान: बोले- देश में मुस्लिमों की जन्म दर में हिंदुओं से ज्यादा गिरावट, यह 2028 तक बराबर हो जाएगी

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हिंदू-मुसलमान की बढ़ती आबादी को लेकर बड़ा बयान दिया है। दिग्विजय ने कहा कि मुसलमानों की जन्म दर घट रही है। साल 2028 तक हिंदुओं और मुसलमानों की जन्म दर बराबर हो जाएगी। उन्होंने एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा- 1951 के बाद से मुसलमानों की जन्म दर में गिरावट हिंदुओं की तुलना में अधिक रही है। जनसंख्या वृद्धि को लेकर मुसलमानों से को... | Former Chief Minister of Madhya Pradesh and senior Congress leade, birth rate of Hindus and Muslims

PMOIndia हमारे देश नाम का यूनाइडेट है कोई यूनिटी नही है।सारे लोग जुठ बोलते हौ।SCने हमारे साथ बोहुत ना इंसाफी की है।आप ने 12TH एग्जाम रद्द किये फिर भी हम private/compartment छात्रों के एग्जाम क्यों लिए जा रहे है हम इंसान नही है क्या?ये कहा का न्याय है? PMसर् हमारे साथन्याय कीजिए।

कश्‍मीर मुद्दा सुलझ जाए, पाकिस्‍तान को परमाणु बम की जरूरत नहीं रहेगी: इमरान खानपाकिस्तान न्यूज़: Imran Khan Nuclear Deterrents Kashmir: पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावा किया है कि अगर कश्‍मीर का मुद्दा सुलझ जाए तो पाकिस्‍तान को परमाणु हथियारों की कोई जरूरत नहीं रहेगी। उन्‍होंने कहा कि परमाणु बम की वजह से भारत के साथ उनका युद्ध नहीं हो रहा है। भो श्री के एक बार बाहर निकाल के तो देख , वो ही परमाणु बम तेरे पिछवाड़े में ना ठोक दिया तो देखना 🤣, ImranKhanPTI शर्म करो भीख मंगो खैरात का खाने वालों।परमाणु बम की धमकी देते हुए शोभा नही देते। Ok return POK, GB, Aksai Chin to India and stay happy, prosperous, peaceful.

इमरान ख़ान ने महिलाओं के कपड़ों को लेकर दिया बयान, हो रही आलोचना - BBC Hindiपाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट AXIOS को दिया इंटरव्यू काफ़ी चर्चा में आ गया है. India mein sab theek ? Blkl aurto kly libas mayene rakhta hi Imran Khan ki bato ko sirf philosophy se hi glat kaha ja sakta hi real life m in bato ko glat kahan mumkin nhi

इमरान खान बोले, कश्मीर मसला हल हो जाए तो परमाणु बम की जरूरत नहीं रहेगीउन्होंने कहा भारत के साथ हमारे तीन युद्ध हुए लेकिन जबसे पाकिस्तान परमाणु शक्ति संपन्न बना उसके बाद कोई युद्ध नहीं हुआ। सीमा पर हल्की-फुल्की झड़प अलग बात है। इससे साबित होता है कि पाकिस्तान ने प्रतिरोधक क्षमता हासिल कर ली है। ImranKhanPTI तू परमाणु बम रखकर भी कुछ नहीं उखाड़ सकता, और तुझे मारने के लिए परमाणु बम की जरुरत भी नहीं है हमें! ImranKhanPTI बेटा औकात मे रहा कर ImranKhanPTI 100 ग्राम वाला परमाणु का आचार बनाने का काम आएगा ।

कश्मीर समस्या का समाधान हो जाए तो एटम बम की जरूरत नहीं: इमरान खानइमरान खान ने कहा है कि जिस समय कश्मीर के मुद्दे का एक समाधान हो जाएगा. दोनों पड़ोसी देश एक सभ्य नागरिक की तरह से रहेंगे. तब हमें परमाणु हथियारों की जरूरत नहीं रहेगी. पहले चीनी और चावल का मुद्दा सुलझा ले अपने देश में कश्मीर के मुद्दे सुलझाने लायक तुझे छोड़ा नहीं गया भारत में कश्मीर मुद्दा सुलझा लिया अब तू अपनी डफली अपना राग गाता रह 👌🏻👌🏻ye b shi h Sabhya toh hum hain

इमरान खान के बिगड़े बोल: कहा- यौन हिंसा के लिए महिलाओं के कम कपड़े जिम्मेदारपाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है। उन्होंने दावा किया है कि अगर कश्मीर का मुद्दा और पुरुषो के लंबे.... कुछ काटने पड़ेंगे और कुछ बढ़ाने.....!!! अपने घर में ही बहुत गंदगी है पहले उसी पर हमें ध्यान देना चाहिए जब अपना घर साफ हो जाये तो पड़ोसी के घर में तक झाक कीजिये। sahi to hai,itne gandagi social media,ne failaye hai,short vedios ke naam par behude nach,gande kpde,usse nuksan un ladkiyo ko hota hai,jo na chote kpde phnte hai,na cheap vedio banate hai,mahila azadi k naam par ashlilta failaye ja rahi.

इमरान ख़ान के 'छोटे कपड़ों' वाले बयान पर छिड़ी बहस; चीन, कश्मीर, अमेरिका, अफ़ग़ानिस्तान पर भी बोले - BBC News हिंदीपाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का एक इंटरव्यू इन दिनों सुर्खियों में है जिसमें उन्होंने अमेरिका, चीन, अफ़ग़ानिस्तान, कश्मीर से लेकर महिलाओं के छोटे कपड़ों के बारे में भी अपनी राय ज़ाहिर की. एक बार छोटी सोच का पता चल जाए तो फिर किसी अन्य विषय पर भी उसी छोटेपन की छटा छाई रहती है। स्वाद और गंध न आये तो कोविड टेस्ट कराएं। अचानक वजन घटे थकावट लगे तो शुगर टेस्ट कराएं। राम मंदिर निर्माण से कष्ट हो तो DNA टेस्ट कराएं। जनहित में जारी 🙏🙏🙏💐💐💐💐 सोच रहा हूं, एक गहरी बात लिख दूं ✍️ लेकिन छोड़ो कोई डूब गया तो 🤔