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इको-फ्रेंडली हवाई यात्रा होगी बेहद महंगी | DW | 26.10.2021

दुनिया इस समय जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों का सामना कर रही है. एविएशन इंडस्ट्री भी अब इको-फ्रेंडली की ओर रुख कर रही है. पर्यावरण के अनुकूल हवाई यात्रा सामान्य से अधिक महंगी बताई जा रही है.

26-10-2021 11:42:00

दुनिया इस समय जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों का सामना कर रही है. एविएशन इंडस्ट्री भी अब इको-फ्रेंडली की ओर रुख कर रही है. पर्यावरण के अनुकूल हवाई यात्रा सामान्य से अधिक महंगी बताई जा रही है. aviation airlines

दुनिया इस समय जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों का सामना कर रही है. एविएशन इंडस्ट्री भी अब इको-फ्रेंडली की ओर रुख कर रही है. पर्यावरण के अनुकूल हवाई यात्रा सामान्य से अधिक महंगी बताई जा रही है.

एविएशन इंडस्ट्री पर बढ़ता दबावयूरोपीय संघ भी इस क्षेत्र पर लगातार दबाव बना रहा है. अब यूरोपीय संघ ने हवाई यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन पर टैक्स लगाने का संकेत दिया है. दुनिया भर का वायु उद्योग 2050 तक पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकी के साथ वाणिज्यिक विमान पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है.

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) की 290 सदस्य एयरलाइंस हैं और वे दुनिया के 82 प्रतिशत ट्रैफिक के मालिक हैं. एजेंसी का अनुमान है कि पर्यावरण के अनुकूल वाणिज्यिक एयरलाइनों की लागत 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो सकती है.आईएटीए का कहना है कि गैर-पारंपरिक ईंधन के उपयोग के सभी प्रयास सफल होने की उम्मीद है. संगठन के अनुसार, वर्तमान में विभिन्न संभावनाओं पर शोध चल रहा है, जिसमें खाना पकाने का तेल और शैवाल का उपयोग शामिल है.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इससे हवाई यात्रा और महंगी हो जाएगी, जबकि मौजूदा किराए को कम करने की जरूरत है ताकि हर कोई यात्रा कर सके.फ्रांस के परिवहन मंत्री जीन-बैप्टिस्ट जेबारी का कहना है कि सभी को ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन की इस प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभानी चाहिए, जिसमें एयरलाइंस और ग्राहक या यात्री शामिल हैं. जेबारी के मुताबिक हवाई किराए में बढ़ोतरी कुछ समय के लिए तो तय है, लेकिन फिर फर्क दिखना शुरू हो जाएगा. उनके मुताबिक इस बात की प्रबल संभावना है कि कोरोना महामारी के कारण कई एयरलाइंस दिवालिया हो जाएंगी. headtopics.com

वीडियो देखेंचुटकी बजाते ही मीलों का सफरबढ़ती कीमतें, बड़ा बदलावपर्यवेक्षकों के अनुसार पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के उपयोग से इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं और साथ ही एयरलाइन उद्योग को भी बाधित कर सकता है. कहा जाता है कि पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के कारण मध्यम वर्ग भी हवाई यात्रा नहीं कर पाएगा. अनुमान है कि हवाई यात्रा में भी कमी आएगी.

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को उम्मीद है कि 2050 तक हवाई यात्रा की मात्रा 10 अरब तक पहुंच जाएगी. एयर इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते इस समय हवाई किराए में गिरावट आ रही है.एए/वीके (एएफपी)अंदर से कैसे हैं अरबों रुपये के लग्जरी विमान

आलीशान विमानआरामदायक, आधुनिक सुविधाओं से लैस और तकनीक से समृद्ध. ये छोटे विमान किसी आलीशान घर सरीखे हैं.अंदर से कैसे हैं अरबों रुपये के लग्जरी विमानसेफ भी, स्मार्ट भीनए बिजनस विमान सिर्फ आरामदायक नहीं स्मार्ट भी हैं. इनके अंदर जासूसी उपकरण तक लगे हैं.

अंदर से कैसे हैं अरबों रुपये के लग्जरी विमानहर सुविधाविमान घर जैसा आरामदायक है. बेडरूम अलग है तो लिविंग रूम अलग. छोटा सा हवा में उड़ता घर हो जैसे.अंदर से कैसे हैं अरबों रुपये के लग्जरी विमानलग्जरी जासूसी विमान भीछोटे विमानों की मांग बढ़ रही है और अब सैन्य विमान बनाने वाली कंपनियां भी छोटे जासूसी विमान बना रही हैं जो कॉरपोरेट जेट जैसे होते हैं. headtopics.com

अंदर से कैसे हैं अरबों रुपये के लग्जरी विमानदर्जनों सौदे हुएलास वेगस में दर्जनों विमान सौदे हो चुके हैं. ब्राजील की कंपनी एम्रबेअर ने कहा है कि उसने 100 विमान बेचने का सौदा 120 करोड़ में किया है.अंदर से कैसे हैं अरबों रुपये के लग्जरी विमानबड़ा बाजारविशेषज्ञ कहते हैं कि बिजनस जेट का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और यह तीन अरब अमेरिकी डॉलर का हो चुका है.

अंदर से कैसे हैं अरबों रुपये के लग्जरी विमानरिकॉर्ड टूटने का इंतजार2008 में सबसे ज्यादा 1300 प्राइवेट विमान बिके थे. उसके बाद बाजार इतना बड़ा कभी नहीं हुआ लेकिन कंपनियों को उम्मीद है कि नया रिकॉर्ड जरूर बनेगा. कुछ विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 2021 में 700 प्राइवेट जेट बिक जाएंगे, जो एक बड़ा संकेत होगा. हालांकि बहुत से लोग सशंकित भी हैं.

अंदर से कैसे हैं अरबों रुपये के लग्जरी विमानज्यादा उड़ेंगे विमानअमेरिकी कंपनी हनीवेल इंटरनेशनल को उम्मीद है कि 2021 में पिछले साल के मुकाबले लग्जरी विमान डेढ़ गुना ज्यादा उड़ेंगे.रिपोर्ट: विवेक कुमार और पढो: DW Hindi »

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