Ministeroffinance, Nirmalasitharaman, Govtofindia, Modigovt, Avoid Cash İn Economic Recession, Food And Agriculture Organization, Price İndex, Cheap Debt, İnvest İn Gold, Rbi, Nirmala Sitharaman, Repo Rate, Economic Recession, Financial Crisis, Situation Of Economy, Economy Not Good, Poor Performance Of Public Sector, Avoid Cash And İnvest İn Gold, Indian Economy, Economic Recession

Ministeroffinance, Nirmalasitharaman

आर्थिक मंदी के दौर में नगद रखने और गोल्‍ड में निवेश से बचें, यहां लगाएं पैसा...

Mudda Page Special Article आर्थिक मंदी के दौर में नगद रखने और गोल्‍ड में निवेश से बचें, यहां लगाएं पैसा... #ministeroffinance #NirmalaSitharaman #govtofindia #ModiGovt

25.8.2019

Mudda Page Special Article आर्थिक मंदी के दौर में नगद रखने और गोल्‍ड में निवेश से बचें, यहां लगाएं पैसा... ministeroffinance NirmalaSitharaman govtofindia ModiGovt

आर्थिक मंदी के दौर में नगद रखने और सोने में निवेश करने से बचना चाहिए। वरिष्‍ठ अर्थशास्‍त्री भरत झुनझुनवाला बता रहे हैं निवेश के खास तरीके जहां मंदी के दौर में पैसा लगाया जा सकता है

भरत झुनझुनवाला [जागरण स्‍पेशल]। आर्थिक मंदी के समय माना जाता है कि लोग अपनी नकदी अपने पास रखें, लेकिन अगर ऐसे समय में निवेश की जरूरत हो तो सबसे उपयुक्त माध्यम में बहुत ठोंक बजाकर निवेश की दरकार होती है। दी के समय प्रॉपर्टी में निवेश करने से बचना चाहिए क्योंकि खरीददार के पास प्रॉपर्टी खरीदने के लिए रकम उपलब्ध नहीं होती। अत: प्रॉपर्टी के दामों के कम बने रहने की संभावना रहती है। इसके अतिरिक्त वर्तमान सरकार ने काले धन पर शिकंजा कसने की कोशिश की है। प्रॉपर्टी मॉर्केट काले धन से ही दौड़ता था इसलिए भी इसके मंद बने रहने की संभावना है। मंदी के दौर में नगद रखने से बचें आर्थिक मंदी के दौर में नगद रखने से बचना चाहिए। इसके दो कारण हैं। पहला यह कि नगद का संग्रह खतरनाक है। दूसरा यह कि मुद्रा का अवमूल्यन निरंतर होता रहता है, जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ती जाती है। जैसे दस साल पहले यदि आप 100 रुपये में पांच किग्रा आम खरीदते थे तो वर्तमान में आप केवल एक किग्रा खरीद पा रहे हैं। तीसरी संभावना सोना खरीदकर रखने की है। वैश्विक मंदी के चलते यहां पर परिस्थिति कुछ अनिश्चित है। यह दिख रहा है कि वैश्विक मंदी आने वाली है लेकिन मंदी संकट का रूप लेगी अथवा नहीं लेगी इसके बारे में अनिश्चितता है। सोने में भी निवेश करना उचित नहीं यदि वैश्विक संकट उत्पन्न होता है तो निवेशकों कि चाल सोने में निवेश करने में बनेगी और उस हालत में सोने के दाम में वृद्धि हो सकती है। लेकिन यदि सामान्य मंदी रहती है और संकट नहीं आता है तो सोने का दाम भी कम रहेगा। चूंकि संकट का आना और न आना, यह कह पाना कठिन है इसलिए वर्तमान समय में सोने में भी निवेश करना उचित नहीं दिखता है। निवेश का चौथा माध्यम शेयर बाजार है। हम देख रहे हैं कि पिछले पांच वर्षों में हमारी आर्थिक विकास दर सपाट है लेकिन शेयर बाजार में उछाल आ रहा है। कारण है कि छोटे उद्यमियों का धंधा बड़े उद्यमियों के हाथ में स्थानांतरित हो रहा है। आयात आधारित कंपनियों में निवेश उचित हम यह भी देख रहे हैं कि हमारे निर्यात दबाव में हैं जबकि आयात उछल रहे हैं। अत: बड़ी और आयात आधारित कंपनियों में निवेश करना उचित दिखता है। चूंकि सरकार की पॉलिसी के अनुसार बड़ी कंपनियों को बचाया जा रहा है और आयातों को छूट दी जा रही है इसलिए इनकी स्थिति में सुधार आते रहने की संभावना है। छोटी कंपनियां और निर्यात आधारित कंपनियों में संकट आने की संभावना बनती है अत: शेयर बाजार में हमें चुन कर निवेश करना चाहिए। सोच समझकर करें म्यूचुअल फंडों में निवेश निवेश का एक स्थान म्यूचुअल फंड है। म्यूचुअल फंडों द्वारा दो प्रकार की योजनायें बनाई जाती हैं। एक में इक्विटी या शेयर खरीदे जाते हैं जबकि दूसरे में नगद इंस्ट्रूमेंट जैसे सरकारी बांड खरीदे जाते हैं। इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंडों में निवेश करना उतना ही संकट में है जितना कि आपके द्वारा सीधे शेयर में निवेश करना, लेकिन म्यूचुअल फंडों के पास शेयर बाजार की जानकारी अधिक होती है इसलिए उनके माध्यम से शेयर में निवेश करना सामान्य निवेशक के लिए सुविधाजनक हो सकता है। हालांकि, म्यूचुअल फंडों में भ्रष्टाचार आदि की भी समस्या रहती है इसलिए यह डावांडोल स्थिति है। फिक्स डिपॉजिट में कम ब्‍याज निवेश का आखिरी स्थान बैंक का फिक्स डिपॉजिट है। बैंकों द्वारा फिक्स डिपॉजिट पर ब्याज दर आजकल कम दी जा रही है। लगभग पांच से सात प्रतिशत म्यूचुअल फंड में तरल योजनाओं और बैंकों के फिक्स डिपॉजिट में सुरक्षा तो बराबर है लेकिन बैंकों के फिक्स डिपॉजिट में आपको ब्याज कम मिलता है इसलिए दोनों में मेरी पसंद म्यूचुअल फंड के लिक्विड अथवा तरल योजनाओं की होगी। इन इक्विटी योजनाओं में कर सकते हैं निवेश निवेशक अपने विवेक से उन इक्विटी योजनाओं में निवेश कर सकते हैं जो बड़ी और आयात आधारित कंपनियों के शेयरों में निवेश करती हैं। म्यूचुअल फंडों द्वारा दूसरी तरल योजनाएं होती हैं जिसमें वे शेयर बाजार में निवेश करने की रिस्क नहीं उठाते हैं बल्कि वे ऐसे स्थानों पर निवेश करते हैं जो सुरक्षित हो जैसे भारत सरकार के बांड या प्रतिदिन बैंकों द्वारा लिए जाने वाले कर्ज इत्यादि में। इन्हें लिक्विड या तरल योजना कहा जाता है। मंदी के समय इनमें निवेश करना उचित दिखता है। यद्यपि इनमें लाभांश कम होता है। मेरे अनुमान से 6 से 10 प्रतिशत के बीच में इनमें लाभांश मिल जाता है। Posted By: और पढो: Dainik jagran

महाकाल एक्सप्रेस में शिव मंदिर पर सवाल, ओवैसी ने ट्वीट की संविधान की प्रस्तावना



अहलूवालिया बोले- राहुल गांधी के अध्यादेश फाड़ने के बाद PM पद से इस्तीफे की सोच रहे थे मनमोहन सिंह

बिहार बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा आज से शुरू, 7 लाख 83 हजार परीक्षार्थी शामिल



ट्रेन में मंदिर... बोगी नंबर-5, सीट नंबर-64 भगवान शिव के लिए रिजर्व, PM मोदी ने दिखाई थी हरी झंडी

ट्रायल की तारीख तय नहीं, भारत के 'यूसेन बोल्ट' ने बताई रेस की 'सच्चाई'!



RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले, शिक्षा और संपन्नता अंहकार पैदा कर रहा जिसकी वजह से...

सेबी के अध्यक्ष ने कहा, आईपीओ के खराब प्रदर्शन के लिए मंदी भी जिम्मेदारगांधीनगर। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष अजय त्यागी ने शुक्रवार को कहा कि हाल के दिनों में कई प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) के खराब प्रदर्शन के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें अर्थव्यवस्था की सामान्य मंदी प्रमुख है।

39 हजार के करीब सोना, आर्थिक सुस्‍ती के दौर में क्‍यों बढ़ रही कीमत?भारत समेत दुनियाभर में आर्थिक मंदी की आहट देखने को मिल रही है. इस बीच, सोने की कीमत हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है.

दुनिया में अर्थव्यवस्था को लेकर उथल-पुथल, भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं: निर्मला सीतारमणवित्त मंत्री ने भारत की अर्थव्यवस्था को बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे है। पढ़ें बड़ी बातें NirmalaSitharaman FPIs economy

ऑटो इंडस्‍ट्री में मंदी: उत्पादन थमा, कर्मचारियों की छंटनी में आई तेजीआर्थिक सुस्‍ती की वजह से ऑटो इंडस्‍ट्री अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. इन हालातों से निपटने के लिए ऑटो कंपनियां धुंआधार छंटनी कर रही हैं.

केजरीवाल ने मोदी सरकार में जताया पूरा भरोसा, कहा- मंदी से निपटने में देंगे पूरा साथऑटो सेक्टर, चाय के कारोबार, कपड़ा उद्योग और अन्य सेक्टरों में आर्थिक मंदी और बड़े पैमाने में नौकरी जाने की रिपोर्ट्स आने पर केजरीवाल ने चिंता व्यक्त की।

मंदी के साथ महंगाई भी मारेगी, 10 रुपये किलो बढ़े प्याज के दाम - Business AajTakप्याज के दाम एक बार फिर आसमान छू रहा है. देखते ही देखते में हफ्ते भर के अंदर 10 रुपये किलो भाव बढ़ गया है. टमाटर ने पहले से ही टमाटर का भाव 40 से कम तो कभी रहा ही नहीं Haryana m 80 ruppes kg hai Ap sabhi ko delhi he dikhta h kabhi kabhi baaki state ka bhi bta diya kro delhi se jada mehnge hai piyaz waha..

AGR बकाए का भुगतान नहीं करने पर बैंक गारंटी गंवा सकती हैं दूरसंचार कंपनियां

JDU विधायक ने बेरोजगारी और पलायन को लेकर अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया, तेजस्वी यादव की तारीफ की

नागिन धुन पर Sara Ali Khan ने किया रैंप वॉक, दर्शकों ने यूं कर दी हूटिंग- WATCH VIDEO

दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ में दो कुख्यात बदमाशों को मार गिराया, 30 राउंड चली गोली

VIDEO : सावधान! मसूड़ों की बीमारी है तो ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा

बुर्का पहनने को लेकर तस्लीमा नसरीन से भिड़ीं एआर रहमान की बेटी, सुनाई खूब खरी-खोटी

टिप्पणी लिखें

Thank you for your comment.
Please try again later.

ताज़ा खबर

समाचार

25 अगस्त 2019, रविवार समाचार

पिछली खबर

सुब्रह्मण्‍यम स्वामी के विवादित बयान से पंजाब में हंगामा, करतारपुर कॉरिडोर कह दी ऐसी बात

अगली खबर

जी मीडिया के एडिटर-इन-चीफ ने शेयर कीं अपनी यादें, बोले- जेटली जी बड़े भाई समान थे
महाकाल एक्सप्रेस में शिव मंदिर पर सवाल, ओवैसी ने ट्वीट की संविधान की प्रस्तावना अहलूवालिया बोले- राहुल गांधी के अध्यादेश फाड़ने के बाद PM पद से इस्तीफे की सोच रहे थे मनमोहन सिंह बिहार बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा आज से शुरू, 7 लाख 83 हजार परीक्षार्थी शामिल ट्रेन में मंदिर... बोगी नंबर-5, सीट नंबर-64 भगवान शिव के लिए रिजर्व, PM मोदी ने दिखाई थी हरी झंडी ट्रायल की तारीख तय नहीं, भारत के 'यूसेन बोल्ट' ने बताई रेस की 'सच्चाई'! RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले, शिक्षा और संपन्नता अंहकार पैदा कर रहा जिसकी वजह से...
AGR बकाए का भुगतान नहीं करने पर बैंक गारंटी गंवा सकती हैं दूरसंचार कंपनियां JDU विधायक ने बेरोजगारी और पलायन को लेकर अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया, तेजस्वी यादव की तारीफ की नागिन धुन पर Sara Ali Khan ने किया रैंप वॉक, दर्शकों ने यूं कर दी हूटिंग- WATCH VIDEO दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ में दो कुख्यात बदमाशों को मार गिराया, 30 राउंड चली गोली VIDEO : सावधान! मसूड़ों की बीमारी है तो ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा बुर्का पहनने को लेकर तस्लीमा नसरीन से भिड़ीं एआर रहमान की बेटी, सुनाई खूब खरी-खोटी