आज का इतिहास: 126 साल पहले नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई, अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिए जाते हैं नोबेल पुरस्कार

आज का इतिहास: 126 साल पहले नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई, अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिए जाते हैं नोबेल पुरस्कार #TodayInHistory

Todayınhistory, History Today India

27-11-2021 05:30:00

आज का इतिहास: 126 साल पहले नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई, अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिए जाते हैं नोबेल पुरस्कार TodayInHistory

आज ही के दिन 1895 में नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई। इन पुरस्कारों को वैज्ञानिक और इन्वेंटर अल्फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिया जाता है। शुरुआत में केवल फिजिक्स, मेडिसिन, केमिस्ट्री, साहित्य और शांति के क्षेत्र में ही नोबेल दिया जाता था। बाद में इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में भी नोबेल दिया जाने लगा। | Today History Aaj Ka Itihas (आज का इतिहास) Bharat Mein Aaj Ka Itihaas | What Is The Significance Of Today? What Famous Thing Happened On This Day In history; आज ही के दिन 1895 में नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई। इन पुरस्कारों को वैज्ञानिक और इन्वेंटर अल्फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिया जा

आज का इतिहास:126 साल पहले नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई, अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिए जाते हैं नोबेल पुरस्कार17 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज ही के दिन 1895 में नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई। इन पुरस्कारों को वैज्ञानिक और इन्वेंटर अल्फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिया जाता है। शुरुआत में केवल फिजिक्स, मेडिसिन, केमिस्ट्री, साहित्य और शांति के क्षेत्र में ही नोबेल दिया जाता था। बाद में इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में भी नोबेल दिया जाने लगा।

अल्फ्रेड नोबेल का जन्म 21 अक्टूबर 1833 को हुआ था। पिता इमानुएल नोबल के दिवालिया होने के बाद 1842 में नोबल सिर्फ 9 साल की उम्र में अपनी मां आंद्रिएता एहल्सेल के साथ नाना के घर सेंट पीटर्सबर्ग चले गए। यहां उन्होंने रसायन विज्ञान और स्वीडिश, रूसी, अंग्रेजी, फ्रेंच और जर्मन भाषाएं सीखीं।

नोबेल प्राइज की फ्रंट साइड कुछ इस तरह दिखती है।अल्फ्रेड नोबेल के नाम आज 355 पेटेंट हैं, लेकिन लोग उन्हें डाइनामाइट की वजह से ज्यादा जानते हैं। डाइनामाइट के आविष्कार के बाद कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में इसका इतना ज्यादा इस्तेमाल होने लगा कि अल्फ्रेड ने 90 जगहों पर डाइनामाइट बनाने की फैक्ट्री खोली। 20 से ज्यादा देशों में ये फैक्ट्रियां थीं। वे लगातार फैक्ट्रियों में घूमते रहते थे। इस वजह से लोग उन्हें ‘यूरोप का सबसे अमीर आवारा’ कहते थे। headtopics.com

गुलामी से ऊबे हुए लोग

कहा जाता है कि डाइनामाइट का गलत इस्तेमाल होता देख अल्फ्रेड को अपने आविष्कार पर दुख हुआ। इसके लिए उन्होंने अपने वसीयत में मानवता को लाभ पहुंचाने वाले लोगों को अपनी संपत्ति में से पुरस्कार देने की इच्छा जताई। 27 नवंबर 1895 को अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी आखिरी वसीयत लिखी थी। इसी वसीयत के आधार पर नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई। 1901 में पहली बार नोबेल पुरस्कार दिए गए। अब तक 975 शख्सियत और संस्थानों को 609 नोबेल पुरस्कार मिल चुके हैं।

2014: तेज बाउंसर ने ले ली थी 25 साल के क्रिकेटर की जानघटना 25 नवंबर 2014 की है। सिडनी के ग्राउंड पर साउथ ऑस्ट्रेलिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच मैच चल रहा था। क्रीज पर थे फिलिप और बॉलिंग कर रहे थे सीन एबॉट। एक तेज लेकिन शॉर्ट पिच गेंद सरसराती हुई आई, जो फिलिप के हैलमेट के पीछे सिर में जा लगी। वो वहीं गिर पड़े। दो दिन कोमा में रहने के बाद 27 नवंबर 2014 को सेंट विंसेंट अस्पताल में उनकी मौत हो गई। वह 'इंड्यूस्‍ड कोमा' में चले गए थे।

नेट में प्रैक्टिस करते फिलिप। फोटो 2010 की है।इस घटना ने पूरे क्रिकेट जगत को शॉक कर दिया था। बताते हैं कि खुद बॉलर सीन एबॉट इस घटना के बाद गहरे सदमे में थे। ह्यूज की मौत के बाद एबॉट भी हॉस्पिटल में थे और लगातार उनकी आंखों से आंसू आ रहे थे। इस घटना के बाद क्रिकेट जगत में बदलाव आया। बॉलर अपनी गेंदों से बल्लेबाजों को सीधा निशाना बनाने से बचने लगे।

UP Election News : UP चुनाव प्रचार को अब पीएम मोदी करेंगे लीड, 31 जनवरी को प्रधानमंत्री की पहली वर्चुअल रैली

बैटिंग हैलमेट को पहले से और मजबूत बनाया गया। उनमें सुधार किए गए। हैलमेट बनाने वाली कंपनियों ने हैलमेट में बदलाव किया। हैलमेट के बैक रिम के नीचे एक गार्ड जोड़ा गया। फिलिप की मौत के बाद सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की सात नंबर पिच को भी रिटायर कर दिया गया।2008: भारत के 8वें प्रधानमंत्री वीपी सिंह का निधन हुआ था headtopics.com

27 नवंबर 2008 को भारत के 8वें प्रधानमंत्री रहे विश्वनाथ प्रताप सिंह का निधन हुआ था। 31 दिसंबर 1984 को वीपी सिंह राजीव गांधी सरकार में वित्तमंत्री थे। उन्होंने विदेशी बैंक में भारतीयों के जमा धन की जांच कराने के लिए फेयर फैक्स की मदद ली थी।तस्वीर 7 नवंबर 1990 की है। जब वीपी सिंह की सरकार 11 महीने बाद गिर गई थी। वह सदन में विश्वास मत साबित नहीं कर पाए थे।

इसी बीच साल 1987 में स्वीडन ने बोफोर्स तोप सौदे में दलाली की खबर प्रकाशित की। इसमें उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम था। संसद में हंगामा हुआ। इस मुद्दे को खुद वीपी सिंह भी उठाने से पीछे नहीं हटे। नतीजा यह हुआ कि वीपी सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

Pushpa Movie, Rashid Khan: अफगानी प्लेयर पर चढ़ा पुष्पा मूवी का बुखार, वायरल हो रहा VIDEO

इस घटना के बाद राजीव गांधी की सरकार भी ज्यादा नहीं चल सकी और गिर गई। 1989 के लोकसभा में बीजेपी और लेफ्ट की मदद से वीपी सिंह देश के प्रधानमंत्री बने। वीपी सिंह का जन्म 26 जून 1931 को यूपी के इलाहाबाद में हुआ था। 11 महीने तक वह भारत के प्रधानमंत्री रहे। 9 जून 1980 से 28 जून 1982 तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे।

27 नवंबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...2002:प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि शिवमंगल सिंह सुमन का निधन हुआ था।1966: उरुग्वे ने संविधान अपनाया था।1947:पेरिस में पुलिस ने कम्युनिस्ट समाचार-पत्र के कार्यालय पर कब्जा किया था। headtopics.com

1940:मार्शल आर्ट के महानायक ब्रूस ली का जन्म हुआ था।1907:प्रसिद्ध कवि और लेखक हरिवंश राय बच्चन का जन्म हुआ था।1881:प्रसिद्ध इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल का जन्म हुआ था।1888:प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष गणेश वासुदेव मावलंकर का जन्म हुआ था।

1795:पहले बांग्ला नाटक का मंचन हुआ था।

और पढो: Dainik Bhaskar »

सरकारी टीचर ने 2.25 करोड़ में खरीदा REET पेपर: स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर खरीदकर दोस्त भजनलाल को दिया, करोड़ों की डील करने वाला BPL परिवार से

REET पेपर लीक मामले में जालोर के भजन लाल की गिरफ्तारी के बाद एसओजी रोज नए खुलासे कर रही है। एसओजी ने गुरुवार देर रात एक ओर सरकारी टीचर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्रेड सेकंड टीचर है और सवा दो करोड़ में पेपर खरीद कर अपने दोस्त भजनलाल को दिया था। पेपर लीक मामले के दोनों गुनहगार एक ही गांव के पड़ोसी निकले। जालोर के रणोदर गांव निवासी उदाराम विश्रोई सेकंड ग्रेड शिक्षक है। वह अभी जालोर जिले के ही लूणियासर... | REET Paper Out; Both the criminals are neighbors of a village, Udram's family who bought BPL for 2.25 crores और पढो >>

नया सोच नया इतिहास नया भारतआप सभी के प्रिय सच्चे गुरु शिष्य श्याम बाबू कलवाका सच्चा ज्ञान सच्चा संस्कार आएगा सभी को काम सत्यमेव जयतेहमारे देश प्रेमियों सच्चे इंसान का साथ दो सच्चा देखो सच्चा सुनो सच्चा बोलोसच्चा काम करो देश हित के लिएआओ काशीबनो देश सच्चा देशवासी मातृभूमि की जय हो हमारी सहनशक्ति जवाब दे रही है अब , ashokgehlot51 जी हमने आप पर विश्वास किया था पर आप मुंबई घूम रहे हो और रीट के छात्र कड़ाके की ठंड में अपना लहू जमा रहे हैं, धिक्कार है ऐसी सत्ता पर 😖 “सुधर जाओ सरकार नहीं तो अबकी बार दूर से नमस्कार REET_के_पद_बढाकर_50000_करो danishabrar2016

उगाही केस: ठाणे पुलिस के सामने पेश हुए परमबीर सिंह, डीसीपी की निगरानी में हो रही जांचठाणे पुलिस ने इस साल जुलाई में बिल्डर केतन तन्ना की शिकायत के आधार पर सिंह और 28 अन्य के खिलाफ रंगदारी (वसूली) का मामला

धर्मांतरण केसः वड़ोदरा पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट, गौतम के खिलाफ गंभीर आरोपवडोदरा पुलिस ने आईबी इनपुट के आधार पर इस मामले में इन्वेस्टीगेशन शुरु की थी और आईपीसी की धारा 153ए, 406, 201, 465, 120बी के आधार पर मामला दर्ज कर लिया था.

दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के लिए क़ानून लाएगी मोदी सरकार: रिपोर्ट - BBC Hindiवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2021-22 का बजट पेश करने के दौरान सरकार की विनिवेश अभियान के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की घोषणा की थी. पता नही पंक्चर बनाने वालों को बैंकों के निजीकरण से क्या दिकत है...बाकी ये निर्णय बहुत ही अच्छे है चाहे पिछली सरकार ने किए या वर्तमान कर रही है इस से प्रतिभाओं को रोजगार मिलेंगे 👍 जो आरक्षण की भेंट चढ़ जाती थी 👍 और कर्मचारी सरकारी लाभ उठा पाएंगे 😂🤣 क्या वो बैंक SBI और PNB हैं।

Anil Vij का किसान नेता पर बयान बदलने का आरोप, टिकैत ने दिया ये जवाबकृषि कानूनों के खिलाफ जिस आंदोलन की आवाज किसानों ने दिल्ली तक पहुंचा दी, उस विरोध के आज एक साल पूरा हो चुके हैं. किसान विरोध के तौर पर दिल्ली की सीमाओं पर डट कर मांगों के समर्थन में विरोध तेज कर रहे हैं. सरकार पहले ही तीनों कृषि कानूनों को वापसी की फाइल मे डाल चुकी है लेकिन किसान वापसी के ट्रैक्टर पर फिलहाल सवार नहीं होंगे. पंजाब- हरियाणा और दूसरे सटे राज्यों से किसानों का दिल्ली सीमा तक पहुंचना लगातार जारी है. देखें इस पर क्या बोले किसान नेता राकेश टिकैत. वामपंथी चडूनी राजनीतिक पार्टी बना रहा है ..उसके बाद ये डकैत राकेश टिकैत अन्ना की तरह विलुप्त हो जाएगा।

Filmy Wrap: 83 का टीजर रिलीज और राज कुंद्रा की मुश्किलें बढ़ीं, पढ़ें मनोरंजन की 10 बड़ी खबरेंFilmy Wrap: 83 का टीजर रिलीज और राज कुंद्रा की मुश्किलें बढ़ीं, पढ़ें मनोरंजन की 10 बड़ी खबरें RanveerOfficial RajKundra Samanthaprabhu2 VJAnusha BalvinderSinghDhami BeingSalmanKhan RakhiSawant KareenaKapoorKhan

Farmer protest LIVE: किसान आंदोलन के 1 साल, देशभर से दिल्ली कूच कर रहे किसानआज की ताजा खबर ( Aaj Ki Taza Khabar), 26 नवंबर 2021 की खबरें और समाचार: आंदोलन के एक साल पूरे होने पर दिल्ली की सीमा पर बड़ी तादाद में किसान पहुंचे हैं. मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले की आज 13वीं वर्षगांठ है. देश आज संविधान दिवस भी मना रहा है. पढ़ें आज की सभी बड़ी खबरें... 🙏 ! किसान!