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आज का इतिहास: 73 साल पहले दुनिया के पहले जेट विमान ने पहली बार उड़ान भरी, 5 साल में ही लगातार हो रहे हादसों के कारण इस पर बैन लग गया

आज का इतिहास: 73 साल पहले दुनिया के पहले जेट विमान ने पहली बार उड़ान भरी, 5 साल में ही लगातार हो रहे हादसों के कारण इस पर बैन लग गया #TodayinHistory

27-07-2021 05:27:00

आज का इतिहास: 73 साल पहले दुनिया के पहले जेट विमान ने पहली बार उड़ान भरी, 5 साल में ही लगातार हो रहे हादसों के कारण इस पर बैन लग गया TodayinHistory

27 जुलाई 1949 को ब्रिटेन के ‘डी हैविलैंड कोमेट’ ने अपनी पहली उड़ान भरी थी। ये दुनिया का पहला जेट विमान था। इससे पहले के सभी विमानों में पिस्टन इंजन लगा होता था। उनकी स्पीड तो कम थी ही साथ ही वे आवाज भी बहुत ज्यादा करते थे। इस वजह से यात्रियों के लिए कम्फर्टेबल भी कम थे। | Today History, Aaj Ka Itihas (आज का इतिहास ) Bharat Mein Aaj Ka Itihaas | What Is The Significance Of Today? What Famous Thing Happened On This Day In history; 27 जुलाई 1949 को ब्रिटेन के ‘डी हैविलैंड कोमेट’ ने अपनी पहली उड़ान भरी थी। ये दुनिया का पहला जेट विमान था। इससे पहले के सभी विमानों में पिस्टन इंजन लगा होता था। उनकी स्पीड तो कम थी ही साथ ही वे आवाज भी बहुत ज्यादा करते थे। इस वजह से यात्रियों के लिए कम्फर्टेबल भी कम थे।

आज का इतिहास:73 साल पहले दुनिया के पहले जेट विमान ने पहली बार उड़ान भरी, 5 साल में ही लगातार हो रहे हादसों के कारण इस पर बैन लग गया2 घंटे पहलेकॉपी लिंक27 जुलाई 1949 को ब्रिटेन के ‘डी हैविलैंड कोमेट’ ने अपनी पहली उड़ान भरी थी। ये दुनिया का पहला जेट विमान था। इससे पहले के सभी विमानों में पिस्टन इंजन लगा होता था। उनकी स्पीड तो कम थी ही साथ ही वे आवाज भी बहुत ज्यादा करते थे। इस वजह से यात्रियों के लिए कम्फर्टेबल भी कम थे।

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‘डी हैविलैंड कोमेट’ को जेफ्री डी हैविलैंड ने डिजाइन किया था। विश्वयुद्ध से पहले ही जेफ्री यात्रियों के लिए जेट विमान बनाने के आइडिया पर काम कर रहे थे, लेकिन विश्वयुद्ध की वजह से ये संभव नहीं हो सका। विश्वयुद्ध खत्म होने के बाद युद्धक विमानों की इतनी डिमांड नहीं रही इसलिए जेफ्री को अपने आइडिया पर काम करने का मौका मिल गया।

उन्होंने घोस्ट 50 Mk1 इंजन को इस विमान में लगाया और ज्यादा ऊंचाई पर पैसेंजर के कम्फर्ट के लिए केबिन में ऑक्सीजन प्रेशर मेंटेन करने की सुविधा भी दी। इसके एक साल बाद एक और प्रोटोटाइप की टेस्टिंग की गई। इस टेस्टिंग में फ्लाइट की कॉकपिट में प्रतिष्ठित एयरलाइंस के इंजीनियर्स को बैठाकर कई घंटों तक लगातार उड़ान भरी गई। headtopics.com

दोनों टेस्ट फ्लाइट सफल होने के बाद अब बारी विमान को मार्केट में उतारने की थी। कंपनी ने BOAC (ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज कॉर्पोरेशन) के लिए अपना पहला विमान बनाया। 9 जनवरी 1951 को इस विमान ने 44 यात्रियों के साथ लंदन से जोहान्सबर्ग तक अपनी पहली उड़ान भरी।जून 1951 में इस विमान में ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्यों ने भी उड़ान भरी थी।

अब तक ये विमान काफी फेमस हो चुका था, लेकिन अगले कुछ सालों में ही इस विमान के साथ कई दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें कई लोगों की मौतें हुई। 1954 में इस तरह के सभी विमानों के उड़ने पर रोक लगा दी गई। जेफ्री ने विमान की कई तकनीकी खराबियों को सुधारने पर काम किया, लेकिन 1957 में बोइंग की मार्केट में एंट्री के बाद हैविलैंड पूरी तरह बंद हो गई।

1996: ओलिंपिक खेलों में बम धमाका1896 में ओलिंपिक खेलों की शुरुआत हुई थी। इससे ठीक 100 साल बाद 1996 में इन खेलों का आयोजन अमेरिका के अटलांटा में किया जा रहा था। ओलिंपिक खेलों के 100 साल हो जाने पर इन खेलों को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह था। दुनियाभर के कई देशों से लाखों लोग इन खेलों को देखने जुटे थे।

26 जुलाई को शुक्रवार था। वीकेंड होने की वजह से ओलिंपिक विलेज में ज्यादा भीड़ थी। 26 जुलाई के इवेंट खत्म होने के बाद देर रात (27 जुलाई) को एक कॉन्सर्ट में सभी लोग एंजॉय कर रहे थे। तभी वहां एक बम विस्फोट हुआ, जिसमें एक महिला की मौत हुई और 111 लोग घायल हुए। बम धमाके को कवर करने जा रहे एक पत्रकार की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। headtopics.com

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धमाके के बाद घटनास्थल पर फैला खून।धमाका होने से पहले वहां मौजूद गार्ड रिचर्ज जेवेल ने एक संदिग्ध बैग को देख लिया था। जेवेल को जब किसी अनहोनी की आशंका हुई तो उन्होंने आसपास मौजूद सभी लोगों को वहां से हटा दिया था। इसी वजह से धमाके से नुकसान कम हुआ। अगर जेवेल तत्परता नहीं दिखाते तो घायलों और मौतों का आंकड़ा ज्यादा हो सकता था।

बाद में पुलिस ने जेवेल पर ही बम धमाके की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। जांच में जेवेल निर्दोष पाए गए। FBI ने एरिक रुडोल्फ नाम के एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया। रुडोल्फ ने 1996-97 में हुए 4 बम धमाकों में शामिल होने का खुलासा किया। रुडोल्फ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

1897: तिलक को अंग्रेजों ने किया था गिरफ्तारलोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को आज ही के दिन 1897 में अंग्रेजों ने राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी की वजह तिलक के वो लेख थे, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश शासन की आलोचना की थी। दरअसल 1896-97 में महाराष्ट्र में प्लेग महामारी फैली थी। इस दौरान तिलक ने खुद को राहत कार्यों में झोंक दिया था।

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक।वे महामारी के दौरान ब्रिटिश शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये से सख्त नाराज थे। इसके लिए उन्होंने अखबार में लेख लिखे थे। इन लेखों में तिलक ने महामारी की भयावहता के पीछे स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर चार्ल्स रैंड को जिम्मेदार बताया था।27 जुलाई के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है... headtopics.com

1992:फिल्म शोले में गब्बर का यादगार किरदार निभाने वाले अमजद खान का निधन हुआ।1987:खोजकर्ताओं ने टाइटैनिक का मलबा खोजा।1982:इंदिरा गांधी ने अमेरिका का दौरा किया। 11 साल के बाद किसी प्रधानमंत्री का पहला अमेरिका दौरा था।1969:दक्षिण अफ्रीका के पूर्व टेस्‍ट क्रिकेटर और अब तक के सबसे धमाकेदार फील्‍डर जॉन्‍टी रोड्स का जन्म हुआ।

1940:‘अ वाइल्ड हेयर’ नामक कार्टून शॉर्ट फिल्म में पहली बार बग्स बनी दुनिया के सामने आया।1939:CRPF की स्थापना हुई। और पढो: Dainik Bhaskar »

95 साल की ड्राइवर दादी: पोती को कार चलाते देख बोलीं- मुझे भी ड्राइविंग करनी है, 3 महीने में सीखा कार चलाना, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किया आवेदन

देवास से करीब 7 किलोमीटर दूर बिलावली गांव में 95 साल की रेशम बाई इस तरह कार दौड़ाती हैं कि जैसे कोई अनुभवी ड्राइवर गाड़ी चलाता है। इस उम्र में उन्होंने पोती को कार चलाते देख महज 3 माह में ड्राइविंग सीख ली। आमतौर पर युवा ही दोपहिया-चार पहिया वाहन दौड़ाते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे में दादी की ड्राइविंग देखने लायक है। | पोती को कार चलता देख दादी का भी कार चलाने का हुआ मन, ट्रेक्टर भी चला चुकी हैं दादी, एंड्राइड फोन की भी शौक़ीन हैं दादी

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Kargil War: देशभक्ति का ऐसा जज्बा, ट्रेनिंग खत्म होने से पहले ही करगिल युद्ध में जाने को बेचैन थे IMA के कैडेट्ससेना के एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि 1999 में हुए करगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में ट्रेनिंग ले रहे कैडेट्स ट्रेनिंग खत्म होने से पहले ही जंग में शामिल होना चाहते थे।

हिमाचल में लैंडस्लाइड: हादसे में जयपुर की युवती और सीकर के एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, मुंबई में कंपनी सेक्रेटरी था सीकर का अनुरागहिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में हुई लैंडस्लाइड में राजस्थान के 4 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में सीकर के एक ही परिवार के तीन लोग भी शामिल हैं। वहीं एक युवती जयपुर की है। चारों एक ट्रैवलर बस में सवार थे। | Rajasthan tourist Died in Land Slide In Kinnaur Of Himachal Pradesh, Latest news update Rip