आईना : झांसी में बढ़ रहीं ‘बालिका वधू’, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट खुलासा

झांसी में बालिका वधू की संख्या में इजाफा हो रहा है।

Jhanshi, Familyhealthsurvey

02-12-2021 03:26:00

आईना : झांसी में बढ़ रहीं ‘बालिका वधू’, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट खुलासा Jhanshi FamilyHealthSurvey

झांसी में बालिका वधू की संख्या में इजाफा हो रहा है।

विवाह की सही और वैधानिक उम्र के प्रति समाज का लचीलापन नारी के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। कम उम्र में मां बनने से जहां एक ओर महिला के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं, जन्म लेने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। हाल ही में वर्ष 2020-2021 में 20 से 24 साल की महिलाओं पर एनएफएचएस-5 की सर्वे रिपोर्ट आई है।

DNA Live | देखिए DNA, Sudhir Chaudhary के साथ, Jan 20, 2022 | Top News Today | Hindi News | Analysis

रिपोर्ट में कहा गया है कि झांसी में इस उम्र की महिलाओं से बातचीत में पता चला है कि 25.1 फीसदी की शादी 18 साल से कम उम्र में कर दी गई थी। जबकि, 2015-16 में हुए एनएफएचएस-4 के सर्वे में यह आंकड़ा 22.2 फीसदी था।ऐसे में अब 2.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ये आंकड़े आधी आबादी को लेकर चलाए जा रहे अभियानों और कानून की सख्ती के दावे को चोट पहुंचा रहे हैं। हालांकि, ललितपुर और जालौन में स्थिति में सुधार आया है। एनएफएचएस-4 सर्वे में ललितपुर में 49.3 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से कम उम्र में हो जाती थी, जो कि सर्वे-5 में घटकर 42.5 प्रतिशत रह गई है। इसके अलावा जालौन में भी पहले सर्वे की तुलना में अब ये आंकड़ा 22.1 फीसदी से घटकर 16.9 प्रतिशत हो गया है।

बेटों की शादी में नहीं कर रहे जल्दबाजी, 30 साल तक हो रहींमंडल के तीनों जिलों में बेटों की शादी के मामलों में लोग जल्दबाजी नहीं कर हरे हैं। 25 से 29 साल के युवकों पर हुए एनएफएचएस-5 के सर्वे में पता चला है कि झांसी और ललितपुर में युवकों की 21 साल से पहले शादी होने के मामले में 1.3-1.3 प्रतिशत और जालौन में 3.4 फीसदी की गिरावट आई है। 30-30 साल तक युवकों की शादी हो रही है। headtopics.com

ये हैं मूल कारणअशिक्षासामूहिक विवाहकमजोर आर्थिक स्थितिलड़की का बोझ समझनाबेटियों को उच्च शिक्षित न करनाये भी ध्यान देंविवाह के बाद कम से कम दो साल तक एक-दूसरे को समझने और पारिवारिक जिम्मेदारियों को रखने का समय रखना चाहिएलड़कियों का शरीर परिपक्व होने पर ही गर्भधारण के लिए ठीक होता है

नेस्ले ने भगवान जगन्नाथ की तस्वीर वाले किटकैट वापस लिए, जताया अफ़सोस - BBC Hindi

20-21 वर्ष की आयु पर विवाह होने और 23-24 साल की आयु पर प्रथम गर्भधारण होना चाहिए। तो स्वस्थ शिशु होता हैप्रथम गर्भधारण के कम से कम तीन साल तक दूसरा बच्चा नहीं होना चाहिए, इससे पहले बच्चे की पूरी देखभाल हो जाती है18 साल से कम उम्र में लड़कियों की शादी करने से उनका विकास रुक जाता है। डिलीवरी में भी दिक्कतें आती हैं। उच्च शिक्षित न होने बच्चा होने के बाद उसकी देखभाल भी सही तरीके से नहीं हो पाती है।

डॉ. संजया शर्मा, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञनाबालिग बेटियों की शादी नहीं करनी चाहिए। इसका बेटी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एनएफएचएस-5 सर्वे के ये आंकड़े झांसी के लोगों के लिए चिंता और सोचने का विषय है।आनंद चौबे, मंडलीय परियोजना प्रबंधक, एनएचएम

विस्तार इसका खुलासा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस) से हुआ है। कम उम्र में शादी होना बेटियों की सेहत और भविष्य दोनों के लिए ही ठीक नहीं है। हालांकि, मंडल के जालौन और ललितपुर में स्थिति में सुधार हुआ है।विज्ञापनविवाह की सही और वैधानिक उम्र के प्रति समाज का लचीलापन नारी के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। कम उम्र में मां बनने से जहां एक ओर महिला के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं, जन्म लेने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। हाल ही में वर्ष 2020-2021 में 20 से 24 साल की महिलाओं पर एनएफएचएस-5 की सर्वे रिपोर्ट आई है। headtopics.com

आतंकवादियों के हाथों में अमेरिकी सेना के हथियार, कश्मीर से आई टेंशन वाली खबर

रिपोर्ट में कहा गया है कि झांसी में इस उम्र की महिलाओं से बातचीत में पता चला है कि 25.1 फीसदी की शादी 18 साल से कम उम्र में कर दी गई थी। जबकि, 2015-16 में हुए एनएफएचएस-4 के सर्वे में यह आंकड़ा 22.2 फीसदी था।ऐसे में अब 2.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ये आंकड़े आधी आबादी को लेकर चलाए जा रहे अभियानों और कानून की सख्ती के दावे को चोट पहुंचा रहे हैं। हालांकि, ललितपुर और जालौन में स्थिति में सुधार आया है। एनएफएचएस-4 सर्वे में ललितपुर में 49.3 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से कम उम्र में हो जाती थी, जो कि सर्वे-5 में घटकर 42.5 प्रतिशत रह गई है। इसके अलावा जालौन में भी पहले सर्वे की तुलना में अब ये आंकड़ा 22.1 फीसदी से घटकर 16.9 प्रतिशत हो गया है।

बेटों की शादी में नहीं कर रहे जल्दबाजी, 30 साल तक हो रहींमंडल के तीनों जिलों में बेटों की शादी के मामलों में लोग जल्दबाजी नहीं कर हरे हैं। 25 से 29 साल के युवकों पर हुए एनएफएचएस-5 के सर्वे में पता चला है कि झांसी और ललितपुर में युवकों की 21 साल से पहले शादी होने के मामले में 1.3-1.3 प्रतिशत और जालौन में 3.4 फीसदी की गिरावट आई है। 30-30 साल तक युवकों की शादी हो रही है।

ये हैं मूल कारणअशिक्षासामूहिक विवाहकमजोर आर्थिक स्थितिलड़की का बोझ समझनाबेटियों को उच्च शिक्षित न करनाये भी ध्यान देंविवाह के बाद कम से कम दो साल तक एक-दूसरे को समझने और पारिवारिक जिम्मेदारियों को रखने का समय रखना चाहिएलड़कियों का शरीर परिपक्व होने पर ही गर्भधारण के लिए ठीक होता है

20-21 वर्ष की आयु पर विवाह होने और 23-24 साल की आयु पर प्रथम गर्भधारण होना चाहिए। तो स्वस्थ शिशु होता हैप्रथम गर्भधारण के कम से कम तीन साल तक दूसरा बच्चा नहीं होना चाहिए, इससे पहले बच्चे की पूरी देखभाल हो जाती है18 साल से कम उम्र में लड़कियों की शादी करने से उनका विकास रुक जाता है। डिलीवरी में भी दिक्कतें आती हैं। उच्च शिक्षित न होने बच्चा होने के बाद उसकी देखभाल भी सही तरीके से नहीं हो पाती है। headtopics.com

डॉ. संजया शर्मा, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञनाबालिग बेटियों की शादी नहीं करनी चाहिए। इसका बेटी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एनएफएचएस-5 सर्वे के ये आंकड़े झांसी के लोगों के लिए चिंता और सोचने का विषय है।आनंद चौबे, मंडलीय परियोजना प्रबंधक, एनएचएम

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?हांखबर की भाषा और शीर्षक से आप संतुष्ट हैं?हांखबर के प्रस्तुतिकरण से आप संतुष्ट हैं?हांखबर में और अधिक सुधार की आवश्यकता है?

और पढो: Amar Ujala »

Cricket Aajtak LIVE| विराट कोहली के बाद टेस्ट टीम का कप्तान कौन ? #ViratKohli #NikhilNaz #RahulRawat #VikrantGupta

शाह रुख खान की राजनीतिक बलि दी गई, मुंबई में बोलीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जीबंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि शाह रुख खान की राजनीतिक बलि दी गई है। बता दें कि दो अक्टूबर को शाह रुखके पुत्र आर्यन खान को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की एक कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। Ha sahi kaha mamata ji ne vah jis raste se jaa rahi hai, To aisa lagna swabhavik hai. अब ये भी बोल दो की बांग्लादेश को भी इंडिया में मिलाया जा सकता था लेकिन वहां मुस्लिम थे उस लिए उनको अलग देश बनाया गया 😔😔 छापा मारा था लोगों को तो नहीं ।

अंतरिक्ष में मिले 5 लाख ऐसे तारे...जो भविष्य में बन सकते हैं धरती की 'बैटरी'भारतीय वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में ऐसे पांच लाख तारों की खोज की है, जो लिथियम से भरे हुए हैं. अगर किसी तरह से इन तारों से लिथियम लाने की व्यवस्था या तकनीक विकसित कर ली जाए तो सैकड़ों सालों दुनिया को ग्रीन और क्लीन एनर्जी का स्रोत मिल जाएगा. JusticeForRailwayStudent railway_exam_calander railway_hay_hay

4 साल की 'मोगली गर्ल', जिसने खूंखार जानवरों के बीच जंगल में गुजारे दिनबच्ची जंगल में पालतू कुत्ते के साथ घास के बिस्तर पर सोती और जीवित रहने के लिए जंगली जामुन खाती थी. काफी खोजबीन के बाद उसे करीब दो हफ्ते के बाद जंगल से जिंदा बाहर निकालने में सफलता हासिल हुई. JusticeForRailwayStudent railway_exam_calander railway_hay_hay ❤️❤️❤️

टेनिस: चीन में नहीं होगा कोई टूर्नामेंट, पेंग शुआई की सुरक्षा को लेकर लिया गया फैसलाटेनिस: चीन में नहीं होगा कोई टूर्नामेंट, पेंग शुआई की सुरक्षा को लेकर लिया गया फैसला WomenTennisAssociation China TennisTournament PengShuai

रिटायरमेंट के दिन जूते की माला भेंट!: रीवा में यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार से कर्मचारी यूनियन ने की हरकत; थैंक्यू कहकर दिया जवाबरीवा में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार लाल साहब सिंह से रिटायरमेंट के दिन विदाई समारोह में बदसलूकी का मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी के कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने डिप्टी रजिस्ट्रार को जूते की माला भेंटकर मुर्दाबाद के नारे लगाए। जवाब में अफसर ने कहा-धन्यवाद, थैंक्यू। | Viral Video: Employees unions misbehaved with Deputy Registrar at Rewa APS University Creativity level ki tho daat deni padhegi 👏🏽👏🏽 Koon si baat thi Bhai Mahanata namarata se hi hashil hoti hai.

देवास में अनोखी बकरी: दोपहर में एक आंख की बकरी ने लिया जन्म, देखने के लिए लगा हुजूम, शाम को दम तोड़ादेवास जिले के मोहसिन पुरा क्षेत्र में एक आंख वाली बकरी ने जन्म लिया। इस बकरी का जन्म अराफात खान के घर हुआ है। मामले की खबर फैलते ही अराफात के घर उसे देखने के लिए हुजूम लग गया। लोग इसे कुदरत का करिश्मा मान रहे थे। मंगलवार को इस अजूबा बकरी का जन्म हुआ था। हालांकि शाम काे उसकी मौत हो गई। | मंगलवार दोपहर एक आंख की बकरी ने लिया जन्म, बकरी देखने लगा हुजूम, शाम को तोड़ा दम Kudrat ka Karisma nahi BSDK...yea teri ya kisi aur ki kartut hai...wese jab tweet padha tab he pata lag gaya tha kiski bakri hai 😂😂😂 Unbelive😂👍 Kudarat ka karishama.