अहलूवालिया बोले- राहुल गांधी के अध्यादेश फाड़ने के बाद PM पद से इस्तीफे की सोच रहे थे मनमोहन सिंह

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अहलूवालिया बोले- राहुल गांधी के अध्यादेश फाड़ने के बाद PM पद से इस्तीफे की सोच रहे थे मनमोहन सिंह

Montek Singh Ahluwalia, मोंटेक सिंह अहलूवालिया

2/17/2020

अहलूवालिया बोले- राहुल गांधी के अध्यादेश फाड़ने के बाद PM पद से इस्तीफे की सोच रहे थे मनमोहन सिंह

पूर्ववर्ती योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया (Montek singh Ahluwalia) ने अपनी नई किताब ‘बैकस्टेज: द स्टोरी बिहाइन्ड इंडिया हाई ग्रोथ इयर्स’ में इसका जिक्र किया है. अहलूवालिया कहते हैं कि उन्होंने मनमोहन सिंह ( Manmohan Singh ) से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस मुद्दे पर इस्तीफा देना उचित होगा. | nation News in Hindi - हिंदी न्यूज़, समाचार, लेटेस्ट-ब्रेकिंग न्यूज़ इन हिंदी

February 17, 2020, 8:14 AM IST Share this: नई दिल्ली. पूर्ववर्ती योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया (Montek singh Ahluwalia) ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) को लेकर एक बड़ा दावा किया है. अहलूवालिया ने कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के 2013 में अध्यादेश फाड़ने संबंधी घटनाक्रम के बाद तत्कालीन पीएम ने उनसे पूछा था कि क्या उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. अहलूवालिया ने अपनी नई किताब ‘बैकस्टेज: द स्टोरी बिहाइन्ड इंडिया हाई ग्रोथ इयर्स’ में इसका जिक्र भी किया है. उस घटनाक्रम को याद करते हुए अहलूवालिया कहते हैं कि उन्होंने मनमोहन सिंह से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस मुद्दे पर इस्तीफा देना उचित होगा. सिंह उस समय अमेरिका की यात्रा पर थे. बता दें कि दोषी करार दिए गए जनप्रतिनिधियों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करते हुए तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा लाए गए विवादास्पद अध्यादेश की आलोचना कर राहुल गांधी ने अपनी ही सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी थी. राहुल गांधी ने कहा था कि यह पूरी तरह से बकवास है, जिसे फाड़कर फेंक देना चाहिए. बाद में इस्तीफे की बात से किया इनकार अमेरिका से स्वदेश लौटने के बाद मनमोहन सिंह ने अपने इस्तीफे की बात से इनकार किया था, हालांकि वह इस पूरे प्रकरण पर खफा दिखाई दिए थे. तीन दशकों तक भारत के वरिष्ठ आर्थिक नीति निर्धारक के रूप में कार्यरत रहे अहलूवालिया ने कहा, 'मैं न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था और मेरे भाई संजीव (जो आईएएस से रिटायर हुए थे) ने यह कहने के लिए फोन किया था कि उन्होंने एक आर्टिकल लिखा था, जिसमें प्रधानमंत्री की कटु आलोचना की गई थी. उन्होंने मुझे इसे ईमेल किया था और उम्मीद जताई थी कि मुझे यह शर्मनाक नहीं लगेगा.' अहलूवालिया ने अपनी नई किताब में लिखा,‘मैंने पहला काम यह किया कि इस आर्टिकल को लेकर मैं प्रधानमंत्री के पास गया, क्योंकि मैं चाहता था कि वह पहली बार मुझसे इसे सुनें. उन्होंने इसे चुपचाप पढ़ा और पहले उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इसके बाद उन्होंने अचानक मुझसे पूछा कि क्या मुझे लगता है कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.’ अहलूवालिया ने अपनी नई किताब ‘बैकस्टेज: द स्टोरी बिहाइन्ड इंडिया हाई ग्रोथ इयर्स’ में इसका इस घटना का जिक्र किया है. मैंने दी सही सलाह अहलूवालिया ने आगे कहा, ‘मैंने कुछ समय के लिए इसके बारे में सोचा. फिर कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस मुद्दे पर इस्तीफा देना उचित है... मुझे विश्वास था कि मैंने उन्हें सही सलाह दी है.’ अहलूवालिया बताते हैं, ‘मेरे ज्यादातर दोस्त संजीव से सहमत थे. उन्होंने माना कि प्रधानमंत्री ने बहुत समय से उन बाधाओं को स्वीकार किया है, जिनके तहत उन्हें काम करना था और इससे उनकी छवि धूमिल हुई है. अध्यादेश को खारिज किए जाने को प्रधानमंत्री पद की गरिमा को कम करने के रूप में देखा गया और मैं इससे सहमत नहीं था...’ राहुल की बड़ी भूमिका चाहती थी कांग्रेस मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, ‘कांग्रेस ने राहुल गांधी को पार्टी के स्वाभाविक नेता के रूप में देखा और उन्हें एक बड़ी भूमिका निभाते हुए देखना चाहती थी. इस स्थिति में जैसे ही राहुल ने अपना विरोध व्यक्त किया, कांग्रेस के उन वरिष्ठ नेताओं ने तुरंत अपनी स्थिति बदल ली, जिन्होंने पहले मंत्रिमंडल में और सार्वजनिक रूप से इस प्रस्तावित अध्यादेश का समर्थन किया था.’ अहलूवालिया ने उस अवधि के दौरान यूपीए सरकार की सफलताओं और विफलताओं पर भी चर्चा की जब वह योजना आयोग के उपाध्यक्ष थे. बता दें कि योजना आयोग को अब भंग किया जा चुका है और उसकी जगह नीति आयोग का गठन किया गया है. (PTI इनपुट) यह भी पढ़ें: लोकतंत्र में असहमति का स्वागत लेकिन देश को तोड़ने की बात नहीं कर सकते: नायडू यह भी पढ़ें: और पढो: News18 India

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सोचा ही तो था, दिया तो नहीं ना सब झुठी बात है क्या फर्क पड़ता है, प्रधानमंत्री रहें या न रहें, करना तो गुलामी ही है। अब ये सरदार तो बेअसरदार था यही सिद्धू कहता था लेकिन काग्रेंस के बाद सिद्धू भी बेअसरदार ही निकला भाई अहलूवालिया जी आप ऐसे हो जो बाजपेई से मनमोहन तक काम किया । ध्यान रहे काग्रेंस में न जाना बल्कि BJP में ही ठीक रहेगा

It was really pathetic ,when a sound minded group of people cut his support from congress . मनमोहन सिंह ने सिवाय सोचने के किया ही कया अपने काय॓कालमें। मेनु कि पता तकिया कलाम था उनका।एक रीढ़विहीन सरदार ने खूब मलाई खायी है । बेचारा राहुल ने जिंदगी में वही एक काम ठीक किया था वरना सोनिया ने तो अपने सारे घोटाले बाज मित्रों को जेल से बाहर निकालने का रास्ता साफ कर दिया था ।

Manmohan Singh a joke. What kind of person he is . sudip_ind फिर मनमोहन सिंह जी सोचे कि आखिर मै इस पद में कार्यवाहक बनके था हि कब जो मुझे इस्तीफा देने की जरूरत है मै भी ना अच्छा .... सोचते भी थे 👳‍♀️

CAA के बाद, बजट के प्रति जनता के बीच जागरुकता फैलाने जाएगी भाजपाअर्थव्‍यवस्‍था में मंदी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख जेपी नड्डा ने पार्टी नेताओं को विशेषज्ञों व जनता के बीच जाकर बजट को लेकर जागरुकता फैलाने का निर्देश दिया है। BJP4India JPNadda koi fayeda nahi BJP4India JPNadda जय श्री राम BJP4India JPNadda I appreciate you JPNadda sir

अच्छा🙄🙄ये सोच भी लेते हैं क्या,,देखने से नहीं लगता आप बेचारे कुछ कह नहीं सके, इतने साल से बोलने की आदत छूट गई थी जो राइट man in a wrong gang News ko galat interpret kar ke mat batao. ABP news par Pura interview dekha hai. myogiadityanath Swamy39 SureshChavhanke BJP4India RSSorg rssorg1925 VHPDigital VHPsampark vhpitcell bajrangdal BJYM BJPLive SanskritVishvam SanskritInMedia Republic_Bharat SudarshanNewsTV ZeeNewsHindi friendsofrss modigovernance ZeeNews DrGPradhan ippatel

Fir madam ne aankh dikhayi aur sudhar gaye…. हां मैं भी राष्ट्रपति पद के लिए आवेदनपत्र भरने के लिए सोच रहा हूँ..... हां पर बस सोच रहा हूँ.... 🤦‍♂ अपनी आजदी का भरपूर उपयोग किया ? He should have done to save his left over respect RahulGandhi but remained puppets of pappu this was a shame for great man Manmohan Singh

Ab in bato me kya rakha hai. Aap ye Bataiye ahluwaliya ji . Desh 5triliyan Arth vyavastha . Ke liye badhegi to desh ke kitane logon par tex badhega Ya logon ke pas fursat badhega.ji Suchhi sakta he ye lullu aur kuch nehi karsaktha bsdk

अरविंद केजरीवाल के शपथग्रहण पर टीचर्स के लिए 'आप' के फरमान पर भड़की भाजपाआम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल 16 फरवरी को तीसरी बार दिल्ली के सीएम पद की शपथ लेंगे। शपथग्रहण समारोह में आप ArvindKejriwal ArvindKejriwal खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचें

उसी से जाहिर होता है, कि इये कितने काविल आदमी थे ना वो मंत्री थे, ना पार्टी का कोई पदाधीकारी लेकिन स्पाईडरमेन की तरहा आकर एक प्रधानमंत्री का साई किया हुआ अध्यादेश फाड़ देता है एैसा रोवटिक आदमी से कोई तकतवर आदमी के सामने उसी का साथी कर सकता है फिर भी इये वने रेहते है कुर्सी का लालच देदे ता उसी दिन तो और जलील तो नहीं होते

लेकिन क्या करता डोर (रिमोट) तो इटालियन अम्मा के हाथ में था 😆😆😆 दिया तो नहीं 😀 मानसिक गुलाम 👎 10 saal sochtay hee rahe kia Kuchh nahee, 26 /11 mai bhee sochtay rahe 😏 तो दिया क्युं नही?कोई दुखती रग सोनिया गांधी ने दबा के रखी है क्या?जो कबर मे पैर लटके होने के बावजुद अभी तलवे चाटने में लगे हुए हो! RahulGandhi priyankagandhi u people never able to understand this country ..

श्री मनमोहन सिंह जी बेचारे ईमानदार थे!

लड़कियों के कपड़े उतरवाने के मामले में गुजरात सरकार गंभीर, सख्त कार्रवाई के आदेश🤟🙏🙏🙏 Shame Ye h gujrat model

दे दिया होता तो इज्जत बच जाती। तो दिए क्यों नही Wo toh humne dekh liya tha accidentalprimeminister movie mei ...kuchh naya batayiye अब बोलेगा कोई राहुल का गुलाम कांग्रेस को छोङकर अभी भी भूल सुधार की जा सकती है सोंच रहे थे तभी याद आया होगा कि कांग्रेस में आप बिना मालकिन के आदेश के सोंच भी नहीं सकते हो Mms ने हर काम सोचा, करा वोही जो मेडम से आदेश मिला।अगर जरा भी स्वाभिमान होता तो इस्तीफा दे देते।

पता नही ये कांग्रेस के नेता सब कुछ किताबो मैं ही क्यों बोलते है । HPTripathi1 अगर उस टाइम इस्तीफा दे देते तो शायद जनता आप को महान मानती लेकिन आपने ऐसा नहीं किया पीएम की गरिमा को बदनाम कर दिया आपने इसलिए जनता आपको के मन में इतना सम्मान नहीं जितना पीएम का होना चाहिए

धर्मांतरण विवाद में पहुंचे मंत्री गिरिराज सिंह, हिंदू धर्म के अनुसार कराया शव का दाह संस्कारधर्मांतरण विवाद में पहुंचे मंत्री गिरिराज सिंह, हिंदू धर्म के अनुसार कराया शव का दाह संस्कार girirajsingh girirajsinghbjp

मनमोहन सिंह जी उस समय ही त्यागपत्र के बारे में सोच रहे थे इस बात का तब कोई महत्व नहीं है जबकि उन्होंने बार-बार सार्वजनिक मंचों से कहा था अगर राहुल गांधी तैयार हो तो मैं पद छोड़ने को हमेशा तत्पर हूं तो फिर रुक क्यूं गए डर लगा कि राहुल उनकी भी फाड़ देगा smrat59228 मोनी बाबा कौन सी मजबूरी है...आज भी कठपुतली हो।।

Er_Chandrakanta उस समय इस्तीफा दे दिया होता तो आज उनपर जोक्स नही बनते दिया तो नही न सोच तो मे भी रहा था शायद मुझे ही शपथ ग्रहण करवा ले गुलामों की कोई मर्जी नहीं होती है। डैमेज कंट्रोल की बेकार कोशिश।। पद पर रहकर भि क्या किया lllalpratap फिर रुक क्यों गए...आगे होने वाली फजीहत से तो बच जाते.. इतनी इंसर्ट,तो कामचलाऊ कोई प्रधानमंत्री भी नहीं सहन करता

बेचारे के पास खुद निर्णय लेने की क्षमता ही नही थी या सोनिया या आहलुवालिया ऐसा कांग्रेस मे ही हो सकता है

गिरिराज सिंह के बयान से खफा भाजपा, जेपी नड्डा ने पार्टी दफ्तर बुलाकर दी चेतावनीगिरिराज सिंह के बयान से खफा भाजपा, जेपी नड्डा ने पार्टी दफ्तर बुलाकर दी चेतावनी girirajsingh BJP4India girirajsinghbjp JPNadda BJP4India girirajsinghbjp JPNadda BJP4India girirajsinghbjp JPNadda Ha ha ha नड्डा जी को न्यूज़ में लाना हैं कैसे भी दलादी बंद करो BJP4India girirajsinghbjp JPNadda हद है

आचछा होता कम से कम केरियर तो बदनाम नही होता । स्वाभिमान की रक्षा Per diya kyun nahi, matlab saaf hai MMS sabse kamzor insan hai, khud ka faisla bhi nahi le sakte, itni himmat bhi nahi hai... ye sardar bhi nahi hain.... सोच रहे थे? अभी तक एक शब्द नहीं बोले और नहीं अभी तक CAA पर कुछ कहा देते तो अच्छा रहता...

Always regards for sir manmohan singh g..... Hw can be one so immature that he dnt respect his elders... Shame... One can show his aggresion in other positive ways... Bt rahul baba g to supreme power ha... Can insult anyone अब पछताए होत क्या,,, जब चिड़िया चुग गई खेत,,😂😂 Ager PM Manmohan Singh ji resignation letter de dete to Aaj unko The Accidental Prime Minister ya Robo PM ka khitab Nahi Milta or Rahul Gandhi Ko shambedhanik pad ka Samman karna aa Jata

चलो यह सुनकर अच्छा लगा कि सोचती तो थे करना उनके बस में नहीं था

डीजी रैंक के तीन अधिकारियों को मिली नई तैनाती, डीजी इंटेलीजेंस बने देंवेंद्र सिंह चौहानडीजी रैंक के तीन अधिकारियों को मिली नई तैनाती, डीजी इंटेलीजेंस बने देंवेंद्र सिंह चौहान UPGovt Uppolice myogiadityanath myogioffice Transfer Deployment IPS

Gulam ko sochne ke azadi nahi hai मौनी बाबा जी सोचते भी थे यह तो आज ही पता चला। निष्कर्ष: दो गुलामों ने मिल के फैसला लिया कि 'गुलामी नहीं छोड़नी' मतलब उस समय तय किया गया कि 'चाटुकारिता निभाते रहो' इसके लिए जिगर की आवश्यकता होती है जो मूकमोहन जी एंटोनिया माइनो के पास रख दी थी.... लेकिन गुलामगिरी की जंजीरे तोड़ नही सके बेचारे कट्टप्पा 💩

ढोंगी मनमोहन सिंह इस्तीफा के लिए सोच रहा था इस्तीफा दे देता तो हम समझते सिर्फ दिखावा Soch me rehna aur karna bada fark hota hai paaji.. iPremTiwari But not..... _ManmohanSingh जी सिर्फ इस्तीफा की सोच रहे थे लेकिन गुलाम ही रहना बेहतर समझा ।

सही सोचे थे pmमनमोहन सिंह Acchha, MMS Lochte bhi hein? Pata hee nahin tha. पर पूर्व म्यूट PM मनमोहनसिंह की खुद फट गई थी। और इस्तीफ़ा नही दिया था। और मोदी जी ने ज्यादा सोंचने नही दिया sunil002788 Manmohan bold nahi ho paye चुप क्यों रहे ,इस्तीफ़ा क्यूं नही दिया। दिया क्यों नहीं? कितने साल बाद क्य़ो सोचा और वो मौनी बाबा भी खुलकर बोले गुलाम क्यो बना दूम हिलाता रहता है स्वाभिमान जागये

सत्ता थी ही कब इनके पास जो स्तीफा देते🤣 वो राजमाता जी NAC चला रही थी जो दंगा निरोधक बिल जैसे महान विधेयक पेश करने वाली थी. उस बिल को बनाने मे वामपंथी बंधू, क्रिफ्टो बंधू और शरिया प्रेमी बंधूओं ने योगदान देकर इस राष्ट्र पर अहसान किया था😊 अफसोस मोदी ने अरमान धो दिए😂 कैसे सरदार हैं मनमोहन सिंह? और कोई दमदार सिख होता तो राहुल गांधी की ही फाड़ देता ☺️☺️

To diya kyon nahi ? सोचते रहे और सत्ता सुख भोगते रहे ? बिना मैडम के परमिशन के ये सोच भी नहीं सकते थे। एवढा उच्चपदस्थ उच्चशिक्षित देशविदेशात नाव, मानसन्मान असलेलं व्यक्ती जर बुद्धू मालकापुढे लाचार होत असेल तर काय अर्थ त्या शिक्षणाचा मनमोहनसिंग राहुलगांधी इस्तीफा देने की सोच रहे थे मगर हाँ वाला बटम तो मैडम सोनिया गांधी के हाथ में था, रिमोट से चलने वाले प्रधानमंत्री थे।

इस्तीफे दिए होते तो आज इनकी इज्जत बहुत बढ़ जाती। लेकिन ये अपने मन से कभी कुछ किया भी नही। Iske liye bhi Italian mayi ne ijajat nahi di hogi.. Manmohan singh ji jaise padhe likhe byakti ke liye itni ijjat hai, but agar ek itna padha likha admi, kewal ek aisi aurat ki ishare pe ghumta hai, to aisi padhai likhai nahi honi chhaiye...

Means what mr. man mohan Singh is shameless pm क्या मनमोहन सिंह जी ने आपको ये बताया? Please Question to Ahluwalia. अच्छा होता उस दिन मनमोहन सिंह जी इस्तीफा दे देते तो कम से कम देश उसी समय उस नकली गांधी परिवार को सबक सिखा देता

Hahahhahahahaahahah bas kro ...kitni beizzati kroge मैं भी सोच रहा था। मै सोच रहा हूँ । मै सोचूंगा कि- यह मनगढ़ंत है, कारण ऐसा होता तो उसी के अधयझता में अब तक कांग्रेस में नही रहते। लेकिन लालच क़े कारड नहीं दिया Ekta_79 उसके बाद भी बेशर्मी से बैठा रहा मैं साल PM बनकर। लेकिन पारिवारिक मालिकों की गुलामी करने की जन्मजात कांग्रेसी आदत और बेशर्मी ने उन्हें ऐसा करने से फौरन रोक दिया

सोच तो ये भी रही है जनता की क्या हूवा। मोनिबाबा ने क्या किया। Still not late. Leave and save your conscience सोच तो ख़त्म हो जाती है कोंग्रेस में जाते ही सिर्फ़ चाटुकारी रहती है।सोचते तो ८४ सिख दंगे में सोचते ओर ठोकर मारते।अब ढकने न ढके ढकन के। तो कया आप कहना चाह रहे सोनिया के P M न बनने से ये बड़ा त्याग मन (के ) मोहन ने किया ये चापलूसी किसलिऐ

तो इस्तीफा दीया क्यों नहीं क्या उनको पद की लालसा थी या फिर किसके दबाव में आकर नहीं दिया अगर इस्तीफा दे देते तो हीरो कहलाते।ओर फोर कांग्रेस उसी दिन खत्म हो जाती। सोचने से कुछ नहीं होता क्योंकि करने के लिए रीढ़ की हड्डी(spine)होनी चाहिये जोकि मनमोहन सिंह के नहीं थी और आज भी नही है😢 मौनी बाबा को सोचने में पूरी उम्र बीत जाती

Wish he had done that क्या यही बकथ थी इनकी जो फिर भी आज उनके साथ खड़े हुए हैं🤔🤐 Jaise kachha fad diya ho? सोचने के अलावा बेचारे मनमोहन कुछ कर ही नहीं पाए... It would have been a great service to the nation. But then people with self respect only can do so, not MMS. सोचने और देने मे फर्क हैं... जब राष्ट्रवाद पे गुलामी हावी हो जाता हैं तो अक्सर ब्यक्ति सही गलत का विभेद नही कर पाता और सही नही निर्णय लेने मे असमर्थ हो जाता हैं

बहुत बड़ा काम किया जो सोच लिया नहीं तो aesa kon सोचता है रिमोट कंट्रोल जैसे इस्तीफा देते इस गूंगे को कब तक बचाते रहोगे यार। कुछ नहीं सिर्फ नौटंकी है, अभी भी कांग्रेस पार्टी के रहमोकरम से राज्यसभा की सीट मिली है, सत्ता का लालच इतनी आसानी से नहीं जाता है, सत्ता के लिए लोग अपनी इज्जत को भी दांव पर लगा लेते है, इसलिए यह सब नाटक है

Ab iss topic par 10 din tak Debate karta rahega Amish Devgan Kuch toh वजा होगी जो डॉक्टर साहिब कुर्सी से चिपके रहे। कहता तो में भी हूँ दिल्ली की सर्दी बहुत कार्डके को है , पर रहता तो दिल्ली में ही हूँ। Did he resign? No Why all this nuisance 😏 सरदार जी। की का हाल मास्टर मारे गा भी नहि ! और पढ़ाएगा भी नहि। उनकी जगह प्रनव दादा PM होते तो। कहानी अलग होती।

सोनिया गांधी ने इजाजत नहीं दी होगी। इस्तीफा देने की इजाजत भी तो 10 जनपथ से ही मिलती। बिना 10 जनपथ के आदेश के अपनी पलक तक नहीं झपका सकते थे मनमोहन सिंह। अब who cares.

अगर मनमोहन उस समय इस्तीफ़ा दे देते तो शायद इनका कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाता आज उन्हें कोई मौनमोहन कोई रेमोट से चलने वाला और कोई कठपुतली PM बोलता है विनाश काले विपरीत बुद्धि सुप्रभात, सरदारजी बहुत भले व ईमानदारी की मिशाल हैं, किन्तु विभीषण की तरह लंका में फंस गए? This mean Mr Singh is corrupt

सोच रहे थे?दिया होता तो न्यूज़ बनती ये ज्ञानी जी सिर्फ सोचते थे कर कुछ नहीं पाए। आज भी कैसे झेलते है उन सभी को? INCIndia RahulGandhi



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