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Delhi High Court, Democracy

असहमति का अधिकार

असहमति का अधिकार

16-06-2021 22:41:00

असहमति का अधिकार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि जनतंत्र में असहमति और विरोध जताना मौलिक अधिकार है और अगर नागरिक किसी मुद्दे पर अपनी राय जाहिर करने के लिए इसका सहारा लेते हैं तो इससे देश की नींव को कोई खतरा नहीं है।

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बारिश से तबाही के 15 फोटो: महाराष्ट्र में बाढ़-लैंडस्लाइड से 138 लोगों की मौत, 53 घायल और 99 लापता; बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1.35 लाख लोगों को हटाया गया

महाराष्ट्र में बारिश के चलते हालात खतरनाक बने हुए हैं। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश की वजह से सांग्ली, सतारा, रत्नागिरी, रायगढ़, कोल्हापुर और ठाणे में भयानक हादसे हुए हैं, जिनमें 138 लोगों की मौत हुई है। यहां NDRF की 34 टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन बारिश और बाढ़ के बाद बर्बादी के निशान साफ देखे जा सकते हैं। | Monsoon update in Indian states; heavy rains expected in Bihar, Rajasthan, Uttar Pradesh, Maharashtra उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में अगले दो दिनों में हो सकती है भारी बारिश; महाराष्ट्र में नहीं थम रही आसमानी आफत

दिल्ली दंगाः छात्र कार्यकर्ताओं को ज़मानत, कोर्ट ने कहा- सरकार का असहमति का स्वर दबाने पर ज़ोरजेएनयू छात्राओं नताशा नरवाल और देवांगना कलीता और जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा पर उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए सांप्रदायिक हिंसा के लिए साजिश रचने का आरोप है. तीनों को मई 2020 में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया गया था. Wao kitni jaldi samjha court ko Mand biddi hai ya jan buj kar mand gati brainless judges

Twitter की बढ़ीं मुश्किलें, सुरक्षा का अधिकार छिनने के बाद गाजियाबाद मामले में पुलिस कर सकती है पूछताछभारत न्यूज़: नए आईटी नियमों के अनुरूप कंपनी वैधानिक अधिकारियों को नियुक्त करने में विफल रही जिसके चलते ट्विटर को मिला सुरक्षा का अधिकार छिन गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कंपनी का रवैया नए आईटी नियमों के अनुरूप नहीं है जिसकी वजह से यह सुरक्षा हटाई गई है।

प्रदर्शन करना अधिकार है, आतंकी हरकत नहीं... हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के 3 आरोपियों को बेल देते हुए कहीं ये बड़ी बातेंहथियारों के बिना प्रदर्शन करना मूल अधिकार है, कोई 'आतंकवादी गतिविधि' नहीं। तीन स्‍टूडेंट्स को जमानत देते हुए दिल्‍ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को यह बात कही। तीनों के खिलाफ पिछले साल पूर्वोत्‍तर दिल्‍ली में हुए दंगों के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम संबंधी कानून (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया था। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की बेंच ने तीन अलग-अलग आदेशों में सरकार की बखिया उधेड़ कर रख दी। अदालत ने क्‍या-क्‍या कहा, आइए आपको बताते हैं। धरमपुर शहादत गाँव अयोध्या में: हम परशुराम के वंशज़ सरयू नदी में जनेऊ की कसम खा कर कहते हैं हम BJP को Vote नहीं देंगें।' BJP(लक्षमण) हम ज्यादा मुआवजा नहीं देंगें,राम विनम्र थे और हैं इसलिए मौन हैं। जबकि भारत की सरकार इन्ही राष्ट्र विरोधियो के भड़काऊ प्रदर्शन के चलते देश का विकास नहीं कर पा रही है। सच ही कहा है जब तक बुरहान वाणी बन सैनिकों पर हमला नही करते सरकारी सम्पति को नुकसान नही पहुचाते याकूब मेमन या दाऊद जैसे मुम्बई बम हमला नही करते कसाब जैसे सेकड़ो लोगो को नही मारते,अफजल गुरु जैसे संसद पर हमले की साज़िश नही रचते तब तक कोई आतंकी नही है फिरभले ही सोच गद्दारो वाली हो।

कुछ भी 'गैरकानूनी' गया तो खैर नहीं.... भारत में ट्विटर को मिला सुरक्षा का अधिकार छिन गयाभारत न्यूज़: ट्विटर ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत के लिए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है और जल्द ही अधिकारी का ब्यौरा सीधे सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा। सरकार ने ट्विटर को कुछ दिन पूर्व दिए एक नोटिस में कहा था कि उसे नए आईटी नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका दिया जाता है।

राम मंदिर भूमि सौदे पर विवाद, केशव मौर्य बोले- सपा को सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहींयूपी चुनाव में कौन चेहरा होगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि बीजेपी, सपा-बसपा या कांग्रेस की तरह प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है. हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व है. हमारा सामूहिक नेतृत्व है. सामूहिक निर्णय है. योगी आदित्यनाथ हमारे मुख्यमंत्री हैं. चोर चोरी करके बताता है क्या? 2022 मे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा ।। Bjp janch bhi kise karne bol rahi trust ko, jiske upar iljaam hai jiske gawah bjp ke mayor hai. Ab natija kya niklega soch lo. Nothing wrong in temple case..only roumars and cheap thoughts..

दिल्ली दंगाः छात्र कार्यकर्ताओं को ज़मानत, कोर्ट ने कहा- सरकार का असहमति का स्वर दबाने पर ज़ोरजेएनयू छात्राओं नताशा नरवाल और देवांगना कलीता और जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा पर उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए सांप्रदायिक हिंसा के लिए साजिश रचने का आरोप है. तीनों को मई 2020 में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया गया था. Wao kitni jaldi samjha court ko Mand biddi hai ya jan buj kar mand gati brainless judges