अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के 30 दिन पूरे: धंधा हुआ मंदा और हवा में फैला ख़ौफ़ - BBC News हिंदी

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के 30 दिन पूरे: धंधा हुआ मंदा और हवा में फैला ख़ौफ़

16-09-2021 19:04:00

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के 30 दिन पूरे: धंधा हुआ मंदा और हवा में फैला ख़ौफ़

तालिबान के लड़ाकों के सत्ता हथियाने के एक महीने बाद बीबीसी संवाददाता सिकंदर किरमानी ने पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान का दौरा किया और जाना कि बीते 30 दिनों में यहां लोगों की ज़िंदगी कितनी बदली है.

तालिबान के लिए पंजशीर घाटी इतनी ज़रूरी क्यों है?मस्जिद से आगे बढ़ने पर एक जगह पर बीच सड़क पर हमें बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखी. ये जानने की कोशिश में कि वहां क्या हुआ है, हमने भीड़ से अपना रास्ता निकाला और बीच में पहुंचे. वहां लोगों के देखने के लिए चार लाशें रखी गई थीं जिन पर गोलियों से निशान थे.

अनीता आनंदः जिन्हें कनाडा के पीएम ने मुश्किल दौर में बनाया रक्षा मंत्री - BBC News हिंदी समीर वानखेड़े: आर्यन ख़ान की गिरफ़्तारी से लेकर ‘हिंदू-मुसलमान’ की पहचान तक - BBC News हिंदी 'NDPS कानून की उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ' : आर्यन खान ड्रग्‍स मामले में SC में याचिका दाखिल

एक मृत व्यक्ति के हाथ में एक कागज़ का टुकड़ा था जिस पर लिखा था कि वो लोग अपहरणकर्ता है. दरअसल ये चेतावनी थी कि इस तरह के अपराध की सज़ा कैसी होगी.कड़ी धूप थी और इन शवों से तेज़ दुर्गंध आ रही थी. लेकिन वहां खड़ी भीड़ में से कई लोग उनकी तस्वीरें ले रहे थे और कई शवों को दखने के लिए एक दूसरे को धक्का देते हुए आगे आ रहे थे.

लंबे वक्त से अफ़ग़ानिस्तान के बड़े शहरों में हिंसक अपराध एक बड़ी समस्या रहे हैं और तालिबान के आलोचक भी मानते हैं कि इन अपराधों को रोकने में और सुरक्षा बढ़ाने में तालिबान सफल रहा है. सड़क पर खड़े एक व्यक्ति ने मुझसे कहा, "अगर ये अपहरणकर्ता थे तो ये अच्छी बात है. दूसरों के लिए ये बढ़िया सबक साबित होगा." headtopics.com

लेकिन शहर में रहने वाले अधिकांश लोग खुद को अब सुरक्षित महसूस नहीं करते.ये भी पढ़ें-तुर्की और राष्ट्रपति अर्दोआन पर पहली बार बोला तालिबानइमेज कैप्शन,यूनिवर्सिटी की एक क्लास में पढ़ाई कर रहे छात्र. यहां छात्रों और छात्राओं के बैठने की जगह के बीच परदा लगाया गया है.

क़ानून की पढ़ाई कर रही फरज़ाना कहती हैं, "जब भी मैं घर से बाहर निकलती हूं मैं तालिबान के लड़ाकों को देखती हूं और मैं डर से सिहर उठती हूं."वो एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करती हैं. अफ़ग़ानिस्तान में सरकारी यूनिवर्सिटी फिहलाल बंद कर दी गई हैं लेकिन प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई चालू है.

देश पर तालिबान के कब्ज़े के बाद यहां छात्र और छात्राएं एक कमरे में बैठ कर पढ़ाई तो कर रहे हैं लेकिन दोनों के बैठने की जगह के बीच अब पर्दा लगा दिया गया है.हालांकि फरज़ाना कहती हैं कि वो इस बारे में सोच नहीं रहीं क्योंकि उन्हें इसकी चिंता नहीं है कि पढ़ाई कैसे हो रही है. वो कहती हैं कि उन्हें चिंता तो इस बात की है कि तालिबान शायद महिलाओं को काम न करने दे. हालांकि तालिबान से इससे पहले कहा था कि उसके शासन में महिलाओं को नौकरी करने से रोका नहीं जाएगा.

लेकिन फिलहाल अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं से कहा गया है कि स्वास्थ्यकर्मी और डॉक्टर को छोड़ कर अन्य महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिहाज़ से वो घर पर ही रहें.फरज़ाना कहती हैं, "अभी की बात करूं तो मुझे कोई उम्मीद नहीं है. लेकिन मैं भविष्य को लेकर नाउम्मीद नहीं होना चाहती और आशावादी रहने की कोशिश कर रही हूं." headtopics.com

Aryan Khan की जमानत के लिए इस खास मंत्र का जाप करते हैं उनके विदेश में रह रहे दोस्त Aryan Khan Bail Live Updates: यह मामला ड्रग्‍स के consumption से ज्‍यादा का नहीं : HC में वकील अमित देसाई ने दी दलील आवाज कमजोर, लेकिन अंदाज वही पुराना... 4 साल बाद जनता के बीच पहुंचे लालू यादव

बीस साल पहले अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार ने अभी के मुक़ाबले बेहद सख्त पाबंदियां लगाई थीं. उस वक़्त परिवार के किसी पुरुष के बिना महिलाओं के लिए घर से निकलने पर मनाही थी.अफ़ग़ानिस्तान के अधिकांश शहरों में लोगों को यो डर सता रहा है कि तालिबान एक बार फिर वही 20 साल पुरानी पाबंदियां लागू करेगा.

तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर तो कब्ज़ा कर लिया है लेकिन उसके लिए यहां के लोगों के दिलों को जीतना अभी बाक़ी है.हाजी हिकमत भी मानते हैं, "फ़ौज की मदद से देश को अपने कब्ज़े में लेना मुश्किल था, लेकिन क़ानून लागू करना और उसको बचाना अधिक मुश्किल है."

(बीबीसी संवाददाता मलिक मुदस्सिर और बीबीसी संवाददाता शम्स अहमदज़ई के साथ.)वीडियो कैप्शन,तालिबान के नए फ़रमान में क्या-क्या है?वीडियो कैप्शन,Cover Story: क्या तालिबान में फूट पड़ गई है? और पढो: BBC News Hindi »

दंगल: क्रूज ड्रग्स केस में आर्यन खान के बाद अनन्या पांडे?

मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में क्या आर्यन खान के बाद अभिनेत्री अनन्या पांडे का नंबर है? ऐसा सवाल इस वजह से उठ रहे है क्योंकि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आर्यन के साथ ड्रग्स चैट को लेकर पूछताछ के लिए समन भेजा है. एनसीबी के जांच से बॉलीवुड पर आंच बढ़ती जा रही है. गुरुवार को शाहरुख खान बेटे आर्यन से मिलने ऑर्थर जेल पहुंचे. शाहरुख-आर्यन के बीच 15 मिनट तक मुलाकात हुई है. तो अब आर्यन के जमानत याचिक पर 26 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. आर्यन की न्यायिक हिरासत 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है. तो अनन्या पांडे से समीर वानखेड़े पूछताछ कर रहे हैं. देखें वीडियो.

The wolves live their lives by their own rules. Those peeping through their doors are the most dangerous hypocrites. तुम बीबीसी वही हो जो हमारे भारत देश को गुलाम बनाए रखा जुल्मों सितम किए लोगों को मारा मेरे देश को बर्बाद किया 200 सालों तक गुलामी में जकड़ा रखा और तुम दलालो इंसाफ की बात करते हो तुम लोगों को शर्म आनी चाहिए तुम लोग हमेशा से मुसलमान और इस्लाम के खिलाफ थे अभी भी हो

तालिबान की खूनी शैतानी जाहिल सरकार, आपस में ही लड़-मरकर बेहोश पड़ी है, यहां तारीफों के कसीदे पढ़े जा रहे हैं!! सब खत्म, मज़ा आया, ok टाटा, बाय-2!! But चिल्लाने वाले सपोर्टर, खुद ही नाक काटकर, पट्टी लगा के अब खामोश बैठे हैं!!? મંત્રીઓ બદલ્યા તો કોરોના માં સરેઆમ નિષ્ફળ આરોગ્ય કમિશનર શિવહરે અને તેની ભ્રષ્ટાચારી ટીમ હર્ષદ,નિતેશ,દિનકર,હરેશ ત્રિવેદી,વિપુલ ત્રિવેદી જે ફક્ત પૈસા ને લેવડ દેવડ માટે કમિશનર કચેરી ખાતે ગોઠવી દેવાયેલા છે જેથી શિવહરે અને દિનકર બંને મળી કોરોના ની કરોડો ની ગ્રાન્ટ પૂરી ખાઈ જાય

Thik hai dhande kya hai, shariya kanoon jyada imp hai ! Paise ki liye thode hi jite hai ! Aur bbc walo aukat me raho shariya लागू हुआ है तो हवा मे khauf kyon hoga Tum itne jalte kyon ho ? Sab accha hi hoga ,uparwale ka kanoon jo hai!

अफगानिस्‍तान में सरकार बनने के बाद तालिबान की पत्रकारों पर बर्बरता, खौफ के माहौल के बीच कई ने छोड़ा देशअफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनने के बाद पत्रकारों पर बर्बरता जारी है। तालिबान लड़ाके पत्रकारों के बुनियादी अधिकारों का लगातर उल्लंघन कर रहे हैं। उनको तंग कर रहे हैं और यातनाएं दे रहे हैं। ऐसे हालात में कई पत्रकार देश छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।

NCRB 2020: लॉकडाउन के दौरान क्राइम ग्राफ में गिरावट, कोरोना नियमों के उल्लंघन में वृद्धिफेक करेंसी के मामलों पर अगर नजर डाली जाए तो साल 2020 के दौरान नकली भारतीय मुद्रा नोटों (FICN) के तहत 92,17,80,480 मूल्य के कुल 8,34,947 नोट जब्त किए गए, जबकि वर्ष 2019 में ₹ 25,39,09,130 ​​मूल्य के 2,87,404 नोट जब्त किए गए थे.

वीजा समस्या के चलते IPL 2021 के लिए नहीं पहुंच सका अफगानिस्तान का ये खिलाड़ीअफगानिस्तान के तीन खिलाड़ी राशिद खान मुहम्मद नबी और मुजीब उर रहमान को आइपीएल 2021 के दूसरे भाग में खेलना है लेकिन राशिद और नबी ही अब तक यूएई पहुंच पाए हैं। वहीं मुजीब का वीजा लटका हुआ है। A

अफगानिस्तान: काबुल में बंदूक की नोक पर भारतीय नागरिक का अपहरण, दिल्ली में रहता है परिवारअफगानिस्तान: काबुल में बंदूक की नोक पर भारतीय नागरिक का अपहरण, दिल्ली में रहता है परिवार Afganistan Taliban PMOIndia MEAIndia PMOIndia MEAIndia Freind ab telbun Ko money ke jurath key key apni old thinks ke survath ker de bus chinia Mey yey loge es peker ke herkth n in deshio key negrike Ko pereysion nhi kerthey ok PMOIndia MEAIndia दुनिया ने आतंकवादियों के सामने आत्मसमर्पण किया है। तालिबान, चीन और पाकिस्तान का अमानवीय हथियार है जिसे शांतिप्रिय देशों के खिलाफ क्रूर कम्युनिस्ट और इस्लामिक कट्टरपंथी द्वारा अशांत करने का प्रयास है। फिर भी दुनिया खामोश है। ऐसे देशों का बहिष्कार क्यों नहीं

दावा: जिंदा हैं अफगानिस्तान की महिला गवर्नर सलीमा मजारी, तालिबान के खिलाफ उठाई थी बंदूकसलीमा मजारी अफगानिस्तान में पहली महिला गवर्नरों में से एक रही हैं। उन्हें कुछ साल पहले ही बल्ख के चाहत किंत जिले का

तालिबान के कब्जे में नहीं हैं सलीमा मजारी, चकमा देकर काबुल से निकलींअफगानिस्तान की गिनी-चुनी महिला गवर्नरों में से एक रही सलीमा मजारी इस वक्त अमेरिका में हैं. बीच में अफवाह थी कि तालिबान ने उन्हें पकड़ लिया है, लेकिन ये गलत था. सलीमा मजारी तालिबान को चकमा देकर अफगानिस्तान से बाहर आई हैं.