चौथेपन की जिजीविषा

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जिस दौर में हर तरफ जिंदगी की भूख में लोग उम्मीद के सहारे सुबह-शाम गुजार रहे हैं, उसमें पिछले दिनों महज नई साड़ी पहनने की इच्छा जताने भर के लिए एक बुजुर्ग महिला का मजाक बनाए जाते देखा तो बेहद कोफ्त हुई।